सहरसा में गैंगवार की वापसी: मिक्की चौबे हत्याकांड का बदला? छोटू मिश्रा की गोलियों से भूनकर हत्या!

सहरसा में हाल ही में हुई छोटू मिश्रा की सनसनीखेज हत्या ने एक बार फिर जिले में गैंगवार की सुगबुगाहट तेज कर दी है। इस हत्याकांड के तार मिक्की चौबे हत्याकांड और उससे जुड़े आपराधिक गुटों से जुड़ते नजर आ रहे हैं।

Gang war returns in Saharsa Revenge for the Mikki Choubey mu
मिक्की चौबे हत्याकांड का बदला? छोटू मिश्रा की गोलियों से भूनकर हत्या!- फोटो : news 4 nation

बिहार के सहरसा के सदर थाना क्षेत्र के मीरा टॉकीज के पास अपराधियों ने एक बार फिर कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए 30 वर्षीय छोटू मिश्रा उर्फ सुजीत कुमार झा की बेरहमी से हत्या कर दी। शुक्रवार की रात जब छोटू मिश्रा घर से बाहर निकला था, तभी बाइक सवार अपराधियों ने उसे घेर लिया और आंख, सिर, छाती और पसली समेत शरीर के कई हिस्सों में ताबड़तोड़ गोलियां दागीं। इस अंधाधुंध फायरिंग से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। घायल अवस्था में उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से ही विद्यापति नगर स्थित उसके घर में कोहराम मचा हुआ है।

मिक्की चौबे हत्याकांड से जुड़े रंजिश के तार


इस हत्याकांड के तार सीधे तौर पर कुख्यात अपराधी मिक्की चौबे (रौशन कुमार चौबे) की हत्या से जुड़े प्रतीत होते हैं। गौरतलब है कि 30 अक्टूबर 2020 सहरसा के तिवारी चौक स्थित आरएम कॉलेज परिसर में मिक्की चौबे की भी इसी तरह घात लगाकर हत्या कर दी गई थी। मिक्की चौबे की मां रंजना देवी ने उस समय जिन लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी, उनमें मिश्रा परिवार के कई सदस्यों के नाम शामिल थे। चर्चा है कि छोटू मिश्रा की हत्या उसी पुरानी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई का अगला हिस्सा है, जो सहरसा में दो गुटों के बीच लंबे समय से चली आ रही है।

वर्चस्व की लड़ाई और बदले की आग

मिक्की चौबे हत्याकांड के बाद से ही तिवारी टोला और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल था। मिक्की की हत्या जमीन के विवाद और पैसों के लेनदेन को लेकर हुई थी, जिसमें आशीष मिश्रा, कन्हैया मिश्रा और मनोज मिश्रा सहित 11 लोगों सहित कई अज्ञात को आरोपी बनाया गया था। पुलिसिया जांच के दौरान भी कई लोगों के नाम जुटे। 

मुख्य आरोपी आशीष मिश्र संदिग्ध मौत


कुख्यात मिक्की चौबे कि नृशंस हत्याकांड में मुख्य आरोपी सदर थाना क्षेत्र के तिवारी टोला का है, जहां मिश्रा टोला निवासी आशीष मिश्रा की विगत वर्ष 6 फ़रवरी को 2025 को मौत हो गई। चूंकि यह घटना घर के अहाते में हुई, इसलिए इलाके में कई तरह की चर्चाएं है.कोई इसे हत्या बताता है, तो कोई आत्महत्या। मृतक के पिता मनोज मिश्रा ने हत्या की आशंका जताई है, जिससे मामला और उलझता जा रहा है।

पुलिस की तफ्तीश और गैगवार में बढ़ता तनाव

जानकारों का मानना है कि पहले आशीष कि संदिग्ध मौत और अब छोटू मिश्रा की खौफनाक हत्या मिक्की चौबे गुट की ओर से किया गया एक प्रतिशोध (Revenge Killing) हो सकता है। अपराधियों ने जिस तरह से छोटू को निशाना बनाया, वह साफ दर्शाता है कि यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि गैंगवार की एक कड़ी है।वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से कई खोखे बरामद किए गए हैं और संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस उन फोन कॉल्स की भी जांच कर रही है, जो छोटू को घर से निकलने के लिए किए गए थे। सहरसा पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती इन दोनों हत्याकांडों से जुड़े मुख्य साजिशकर्ताओं को बेनकाब करना और शहर में भड़क रही गैंगवार की इस आग को शांत करना है। फिलहाल, सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है।