13 साल के मासूम की हत्या पर बरसे पप्पू यादव, पीड़ित परिवार से मिले, सरकार से की CBI जांच की मांग

सहरसा में 13 वर्षीय छात्र अंकित आनंद की नृशंस हत्या के बाद इलाके में उपजे तनाव और शोक के बीच पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। उन्होंने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था को कठघरे में खड़ा किया है।

13 साल के मासूम की हत्या पर बरसे पप्पू यादव, पीड़ित परिवार स

Saharsa - खबर सहरसा से है, जहाँ पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बीते 18 फरवरी को अपराधियों की गोली का शिकार हुए 7वीं कक्षा के छात्र अंकित आनंद के घर पहुंचकर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने मृतक के माता-पिता को ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि वे इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े हैं। 

घटना की गंभीरता और मासूमियत पर सवाल

सांसद ने इस घटना को अत्यंत हृदयविदारक बताते हुए कहा कि एक 13 साल के बच्चे की क्या किसी से दुश्मनी हो सकती है? परिजनों का कहना है कि उनकी किसी से कोई अदावत नहीं थी, फिर भी अपराधियों ने मासूम को निशाना बनाया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हैं कि वे बच्चों तक को नहीं छोड़ रहे। 

कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा

पप्पू यादव ने बिहार सरकार पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में अपराधियों का बोलबाला है। उन्होंने राज्य की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि कहीं बच्चियों के साथ दरिंदगी हो रही है, तो कहीं दिनदहाड़े हत्याएं की जा रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन मौन बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी जनता के हक की आवाज उठाई जाती है, तो उसे दबाने की कोशिश होती है। 

पुलिस जांच पर सवाल और CBI की मांग

सांसद ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि इस मामले में और भी गहनता से जांच की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में सरकार से इस हत्याकांड की CBI जांच कराने की मांग की। उनका मानना है कि निष्पक्ष जांच से ही उन चेहरों को बेनकाब किया जा सकता है जिन्होंने इस साजिश को अंजाम दिया है। 

बिहार की बदहाली और विपक्षी सुर

यह घटना उस समय हुई है जब बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष पहले से ही हमलावर है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी हाल ही में सरकार के 21 सालों के शासन को 'अपराध और भ्रष्टाचार' का काल बताया है। सहरसा में अंकित की हत्या ने एक बार फिर प्रदेश में 'सुशासन' के दावों पर सवालिया निशान लगा दिया है। अब देखना होगा कि सांसद की इस मांग पर सरकार क्या रुख अपनाती है।

Report - chhotu sarkar