Bihar News : सहरसा सदर अस्पताल में युवती से दुष्कर्म की कोशिश, 24 घंटे में आरोपी हुए सलाखों के पीछे, इलाज के बहाने हवस की साजिश का हो गया खुलासा
Bihar Crime:सदर अस्पताल, जिसे मरीजों के इलाज और राहत का केंद्र माना जाता है, वहीं एक युवती के साथ शर्मनाक वारदात ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
Saharsa: सदर अस्पताल, जिसे मरीजों के इलाज और राहत का केंद्र माना जाता है, वहीं एक युवती के साथ शर्मनाक वारदात ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इलाज के लिए अस्पताल आई युवती के साथ अश्लील हरकत और दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आते ही हड़कंप मच गया। हालांकि इस बार पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने भरोसा जरूर जगाया है। सदर थाना पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
मामले को लेकर सदर एसडीपीओ आलोक कुमार ने प्रेस वार्ता कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सदर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 5 की रहने वाली युवती गले में दर्द की शिकायत लेकर अपनी दादी के साथ सदर अस्पताल पहुंची थी। इसी दौरान आरोपियों ने उसे बहला-फुसलाकर एक सुनसान कमरे में ले गए, जहां उसके साथ छेड़छाड़ की गई और दुष्कर्म का प्रयास किया गया।
युवती के शोर मचाने पर अस्पताल में मौजूद अन्य महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए हस्तक्षेप किया और किसी तरह युवती को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया। बाद में उसे सुरक्षित घर पहुंचाया गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया।
वीडियो सामने आते ही महिला थाना में कांड दर्ज किया गया और एसपी के निर्देश पर तत्काल एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, आसूचना संकलन और अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद 24 घंटे के भीतर विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नंद कुमार (पिता त्रिभुवन प्रसाद यादव), निवासी धमसैनी वार्ड नंबर 46, सहरसा; अंकित कुमार (पिता प्रेम मोहन झा), निवासी दिवरा ब्राह्मण टोली वार्ड नंबर 16, थाना नवहट्टा; और कृष्णा कुमार (पिता फुल रजक), निवासी न्यू कॉलोनी वार्ड नंबर 8, सहरसा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक इस कांड का मुख्य आरोपी सदर अस्पताल में तैनात एंबुलेंस कर्मी था, जिसने भरोसे के पेशे को ही दागदार कर दिया। फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई व अनुसंधान जारी है। इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्ट- छोटू सरकार