बिहार में निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई: राजस्व कर्मचारी और दलाल ₹16,000 घूस लेते गिरफ्तार
बिहार के सहरसा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। 20 मई 2026 को विशेष निगरानी इकाई (SVU), पटना की टीम ने महिषी अंचल कार्यालय के अंतर्गत बेलाही एवं सिरवार वीरवार हल्का के राजस्व कर्मचारी श्याम प्रसाद सिंह और उनके दलाल फुलचंद साह को 16,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार दलाल फुलचंद साह ग्राम व थाना महिषी (सहरसा) का रहने वाला है। निगरानी विभाग की इस त्वरित और औचक कार्रवाई से अंचल कार्यालय और जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
जमीन की रसीद काटने के एवज में मांगी गई थी घूस
यह पूरी कार्रवाई सहरसा जिले के जलई थाना क्षेत्र के ग्राम+पोस्ट मनौर निवासी मोहम्मद हयात (पिता स्व० मोसिद) की लिखित शिकायत पर की गई है। परिवादी मोहम्मद हयात ने विशेष निगरानी इकाई के पास आरोप लगाया था कि उनकी जमीन की रसीद काटने के एवज में राजस्व कर्मचारी श्याम प्रसाद सिंह और उनके सहयोगी दलाल द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। पीड़ित ने जब रिश्वत की राशि देने में असमर्थता जताई, तो आरोपियों ने उनका काम करने से साफ मना कर दिया था। इसके बाद पीड़ित ने न्याय के लिए निगरानी विभाग का दरवाजा खटखटाया।
भ्रष्टाचार निरोधक कानून और BNS के तहत मामला दर्ज
मोहम्मद हयात की लिखित शिकायत मिलने के बाद विशेष निगरानी इकाई, पटना ने गुप्त रूप से मामले का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया गया और दोनों को घूस की रकम के साथ दबोच लिया गया। इस मामले में दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 7 एवं भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की धारा 61(2)(a) के तहत कांड संख्या 19/2026 दर्ज किया गया है। विभाग द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत यह एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है।
आरोपियों को पटना की विशेष निगरानी अदालत में किया जाएगा पेश
अपर पुलिस महानिदेशक (विशेष निगरानी इकाई, बिहार, पटना) पंकज कुमार दाराद (आई०पी०एस०) द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, इस मामले में आगे की कानूनी और अग्रतर कार्रवाई तेजी से जारी है। रंगे हाथ गिरफ्तार किए गए राजस्व कर्मचारी श्याम प्रसाद सिंह और दलाल फुलचंद साह को पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है और आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद कल यानी 21 मई 2026 को पटना स्थित विशेष निगरानी न्यायालय (Special Vigilance Court) में पेश किया जाएगा।