Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का कहर, टूटे तटबंध, डूबे सैकड़ों गांव, एयरफोर्स ने संभाला मोर्चा
Bihar Flood: बिहार में गंडक और गंगा समेत कई नदियों के उफान ने उत्तर बिहार में तबाही का मंजर पैदा कर दिया है। ...
Bihar Flood: बिहार में गंडक और गंगा समेत कई नदियों के उफान ने उत्तर बिहार में तबाही का मंजर पैदा कर दिया है। लगातार बढ़ते जलस्तर और रिकॉर्ड जलप्रवाह के बीच कई जगह तटबंध, स्लूइस गेट और रिंग बांध टूटने से बाढ़ का पानी तेजी से रिहायशी इलाकों और गांवों में फैल गया है। सारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, वैशाली और भागलपुर के मैदानी एवं दियारा इलाकों में हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बताए जा रहे हैं।
गुरुवार अहले सुबह सारण के पानापुर में सारण तटबंध का स्लूइस गेट बह गया। इसके बाद तरैया में रिंग बांध टूटने की सूचना सामने आई। वहीं साहेबगंज में छड़की बांध करीब 100 मीटर लंबाई में बह गया। तटबंधों और बांधों के टूटने के बाद बाढ़ का पानी आसपास के इलाकों में तेजी से फैल गया।
सारण में बाढ़ की स्थिति विशेष रूप से गंभीर है। जिले के सात प्रखंडों के 102 गांव पानी में डूब गए हैं, जबकि करीब 1.70 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। पश्चिम और पूर्वी चंपारण, गोपालगंज तथा मुजफ्फरपुर के तटवर्ती इलाकों में भी बड़ी संख्या में गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
उत्तर बिहार में गंडक, कोसी, बागमती और गंगा नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। पटना में दोघाघाट, गांधीघाट और हाथीदह में गंगा का जलस्तर लाल निशान को पार कर गया है। गांधी घाट पर बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए चिंता का सबब बना हुआ है।
गंडक के उफान का असर सड़क संपर्क पर भी पड़ा है। छपरा-मुजफ्फरपुर मार्ग पर बड़े वाहनों का परिचालन बंद कर दिया गया है। वहीं छपरा-सत्तरघाट मार्ग पर पानी चढ़ने के कारण पिछले दो दिनों से आवागमन बाधित है। हाजीपुर-अरेराज स्टेट हाईवे पर करीब दो फीट पानी बहने की सूचना है। परसा-मकेर पथ और गोपालगंज-रामजानकी पथ पर भी आवाजाही ठप हो गई है।
बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात हैं। जलजमाव और सड़क संपर्क टूटने वाले इलाकों में फंसे लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर के जरिए सूखा राशन एयर ड्रॉप किया जा रहा है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए वायु सेना ने भी राहत एवं बचाव अभियान में मोर्चा संभाल लिया है। गंडक और गंगा में बढ़ते जलप्रवाह के बीच प्रशासन की चुनौती अब प्रभावित परिवारों तक सुरक्षित तरीके से राहत पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की है। उत्तर बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का पानी लगातार फैल रहा है, जिससे आने वाले समय में स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।