Bihar Flood: तटबंध टूटा, गांव डूबे, बाढ़ में सेल फोन बना जिंदगी की अहम कड़ी, बिजली गई तो मोबाइल संपर्क भी हो सकता है ठप
Bihar Flood: सारण मुख्य तटबंध टूटने के बाद बाढ़ के पानी से घिरे पानापुर प्रखंड में अब एक और गंभीर चिंता सामने आने लगी है।
Bihar Flood: सारण मुख्य तटबंध टूटने के बाद बाढ़ के पानी से घिरे पानापुर प्रखंड में अब एक और गंभीर चिंता सामने आने लगी है। बाढ़ के बीच यदि बिजली आपूर्ति बाधित हुई तो मोबाइल नेटवर्क भी ठप पड़ने का खतरा है। ऐसा हुआ तो प्रखंड मुख्यालय, थाना, प्रशासन और बाढ़ प्रभावित गांवों के बीच संपर्क व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।
ग्रामीणों के मुताबिक, तुर्की गांव स्थित एयरटेल के मोबाइल टावर से पानापुर प्रखंड मुख्यालय और आसपास के कई इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा मिलती है। बताया जा रहा है कि करीब चार-पांच महीने पहले इस टावर से जनरेटर हटा लिया गया था। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि बिजली गुल होने की स्थिति में टावर कितनी देर तक संचालित रह सकेगा।ग्रामीणों का कहना है कि हाल के दिनों में आंधी-पानी के दौरान जब बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी, तब तुर्की स्थित मोबाइल टावर करीब दो दिनों तक बंद रहा था। इस दौरान इलाके में मोबाइल नेटवर्क गायब हो गया था और लोगों को एक-दूसरे से संपर्क करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।
अब स्थिति सामान्य नहीं, बल्कि आपदा वाली है। सारण तटबंध टूटने के बाद पानापुर के निचले इलाकों में तेजी से बाढ़ का पानी फैल रहा है। ऐसे में बिजली गुल होने पर यदि मोबाइल नेटवर्क भी बंद हुआ तो लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ सकती है।बाढ़ प्रभावित इलाकों में मोबाइल फोन महज बातचीत का जरिया नहीं, बल्कि राहत और बचाव व्यवस्था की अहम कड़ी बन जाता है। किसी गांव में अचानक पानी बढ़ने, किसी व्यक्ति के बाढ़ में फंसने, बीमार या गर्भवती महिला को तत्काल चिकित्सकीय मदद की जरूरत होने, नाव की आवश्यकता पड़ने या राहत सामग्री नहीं पहुंचने जैसी सूचना प्रशासन तक पहुंचाना बेहद जरूरी होता है।सड़क और आवागमन के रास्ते पहले ही प्रभावित हैं। ऐसे में अगर मोबाइल संपर्क भी टूट गया तो ग्रामीणों के लिए अपनी परेशानी प्रशासन तक पहुंचाना मुश्किल हो सकता है।
मोबाइल नेटवर्क बाधित होने का असर सिर्फ आम ग्रामीणों तक सीमित नहीं रहेगा। बाढ़ के दौरान प्रखंड मुख्यालय, थाना, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिसकर्मी और राहत-बचाव दल लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहते हैं। प्रभावित इलाकों की स्थिति जानने और जरूरत के मुताबिक राहत पहुंचाने में संचार व्यवस्था की अहम भूमिका होती है।अगर नेटवर्क बाधित हुआ तो राहत कार्यों के समन्वय में भी परेशानी आ सकती है। खासकर उन इलाकों में जहां सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल हो गया है, वहां फोन के जरिए सूचना हासिल करना प्रशासन के लिए बेहद जरूरी हो जाता है।
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने संबंधित मोबाइल कंपनी और प्रशासन से तुर्की स्थित मोबाइल टावर पर तत्काल जनरेटर या वैकल्पिक बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी उतरने और हालात सामान्य होने तक टावर को निर्बाध रूप से संचालित रखना बेहद जरूरी है।ग्रामीणों के मुताबिक, आपदा की इस घड़ी में सड़क, नाव और राहत सामग्री जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी मजबूत संचार व्यवस्था भी है। यदि बिजली आपूर्ति बाधित होती है तो टावर को बैकअप पावर के जरिए चालू रखा जाना चाहिए, ताकि बाढ़ से घिरे पानापुर के गांवों का संपर्क प्रशासन और बाहरी दुनिया से न टूटे।फिलहाल ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि तटबंध टूटने के बाद बाढ़ ने पहले ही जिंदगी मुश्किल कर दी है, अब बिजली और मोबाइल नेटवर्क का संकट उनकी मुश्किलों को और गहरा न कर दे।
रिपोर्ट- धर्मेंद्र रस्तोगी