Bihar News: कैमूर पहाड़ी के सैकड़ों गांवों में पहुंचेगी बिजली की रोशनी, 21 644 घरों को मिलेगा सीधा फायदा

Bihar News: रोहतास और कैमूर जिले के कैमूर पहाड़ी क्षेत्र में बसे उन सैकड़ों गांवों के लिए बड़ी खबर है, जहां अब तक पावर ग्रिड से बिजली नहीं पहुंच सकी थी। ...

Bihar News: कैमूर पहाड़ी के सैकड़ों गांवों में पहुंचेगी बिजल
कैमूर पहाड़ी के सैकड़ों गांवों में पहुंचेगी बिजली की रोशनी- फोटो : reporter

Bihar News: रोहतास और कैमूर जिले के कैमूर पहाड़ी क्षेत्र में बसे उन सैकड़ों गांवों के लिए बड़ी खबर है, जहां अब तक पावर ग्रिड से बिजली नहीं पहुंच सकी थी। सरकार ने पहाड़ी इलाकों में विद्युतीकरण के लिए 351 करोड़ 50 लाख रुपये की संशोधित लागत को मंजूरी दे दी है। इस योजना से रोहतास और कैमूर जिले के कुल 198 गांवों को फायदा मिलने की बात कही गई है। प्रस्तावित योजना के तहत रोहतास जिले के 90 गांव और कैमूर जिले के 108 गांव शामिल हैं। इन गांवों में रहने वाले करीब 21,644 घरों को पावर ग्रिड से सीधे बिजली कनेक्शन मिलने की उम्मीद है। योजना के लागू होने के बाद पहाड़ी क्षेत्र में बसे उन परिवारों को बड़ी राहत मिल सकती है, जो लंबे समय से नियमित बिजली आपूर्ति से वंचित रहे हैं।

बताया गया कि रोहतास और कैमूर जिले के कैमूर पहाड़ी क्षेत्र में करीब 200 गांव लंबे समय तक बिजली की नियमित सुविधा से वंचित रहे। वर्ष 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयास से करीब 130 करोड़ रुपये की लागत से सौर ऊर्जा के जरिए 198 गांवों में बिजली पहुंचाने की योजना लागू की गई थी।हालांकि, स्थानीय स्तर पर रखरखाव की समस्या के कारण समय के साथ सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था खराब होती चली गई। इसके बाद इन दुर्गम गांवों में नियमित और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति का सवाल फिर खड़ा हो गया।

अब इन गांवों में ग्रिड आधारित विद्युतीकरण की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जानकारी के अनुसार पुनरुत्थान वितरण क्षेत्र योजना के तहत पहले करीब 117 करोड़ 80 लाख रुपये की स्वीकृत योजना थी। अब इसकी पुनरीक्षित लागत को बढ़ाकर 351 करोड़ 50 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।पावर ग्रिड से बिजली पहुंचने के बाद पहाड़ी गांवों में घरेलू जरूरतों के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और छोटे कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। खास तौर पर बच्चों की पढ़ाई और डिजिटल सुविधाओं तक पहुंच आसान हो सकती है।

पहाड़ी गांवों में बिजली पहुंचाने की मांग को लेकर लगातार प्रयास करने वाले भाजपा नेता और पूर्व विधायक ललन पासवान ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरगामी सोच तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रयासों का परिणाम बताया है।हालांकि योजना के वास्तविक लाभ का दायरा उसके क्रियान्वयन और निर्धारित समयसीमा पर निर्भर करेगा। फिलहाल 351.50 करोड़ रुपये की मंजूरी ने कैमूर पहाड़ी क्षेत्र के सैकड़ों गांवों में लंबे समय से बिजली की रोशनी का इंतजार कर रहे परिवारों के बीच उम्मीद जगा दी है।

रिपोर्ट- रंजन कुमार