रोहतास में 5 फर्जी दारोगा गिरफ्तार : पुलिस की वर्दी पहनकर हाईवे पर रात में करते थे ट्रकों से अवैध वसूली

सासाराम जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां 5 फर्जी दरोगा को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी पुलिस की वर्दी पहनकर देर रात हाइवे से गुजरने वाली ट्रको से अवैध वसूली किया करते थे.....

रोहतास में 5 फर्जी दारोगा गिरफ्तार : पुलिस की वर्दी पहनकर हा
रोहतास में 5 फर्जी दारोगा गिरफ्तार- फोटो : रंजन कुमार

Sasaram : रोहतास जिले के शिवसागर थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) पर पखनारी के पास पुलिस की वर्दी पहनकर वाहनों से अवैध वसूली और लूट की योजना बना रहे पांच फर्जी पुलिसकर्मियों को असली पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए सभी आरोपी पुलिस और कमांडो की पूरी ड्रेस में तैनात थे। पुलिस ने इनके पास से एक 'पुलिस' लिखी वाहन, दो देसी कट्टा, चार जिंदा कारतूस तथा खिलौने वाली एक पिस्टल भी बरामद की है।


NH-19 पर रात में करते थे ट्रकों से अवैध वसूली 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह गिरोह रोहतास और कैमूर जिले की सीमा से सटे राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर खासकर रात के समय पुलिस वर्दी में सक्रिय रहता था। गिरोह के सदस्य सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों और ट्रक ड्राइवरों को डरा-धमकाकर अवैध वसूली करते थे। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए शिवसागर थाना पुलिस ने रोहतास के तीन और कैमूर के दो अपराधियों को दबोच लिया।


2017 बैच का दरोगा बताकर झांसा दे रहे थे आरोपी 

सासाराम के एसडीपीओ (SDPO) गौरव यादव ने बताया कि सतर्कता बरतते हुए पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई कर इस फर्जी गिरोह का पर्दाफाश किया। पूछताछ के दौरान आरोपी खुद को 2017 बैच का दरोगा बताकर लोगों पर रौब झाड़ रहे थे। गिरोह का मुख्य सरगना प्रवीण सिंह शिवसागर के कोनार का निवासी है, जबकि दूसरा मुख्य आरोपी दिवाकर कुमार सिंह कैमूर जिले के सबार थाना अंतर्गत अमाव गांव का रहने वाला है। ये दोनों उपनिरीक्षक (दरोगा) की पूरी वर्दी पहने हुए थे।


कमांडो की ड्रेस में तैनात थे 3 अन्य अपराधी 

अन्य तीन गिरफ्तार आरोपियों में कैमूर के कुदरा निवासी वीरेंद्र कुमार, रोहतास के करगहर निवासी इसरार आलम तथा चेनारी के छितराटांड़ निवासी रजनीश कुमार शामिल हैं, जो कमांडो की ड्रेस में मुस्तैद थे।


दो आरोपियों का पहले से रहा है आपराधिक इतिहास 

पुलिस पड़ताल में सामने आया है कि पकड़े गए अपराधियों में से इसरार आलम और दिवाकर कुमार सिंह का पूर्व से भी आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और उनके अंतरप्रांतीय या अंतरजिला नेटवर्क की भी गहन जांच की जा रही है।

रंजन की रिपोर्ट