भाकपा माले ने समाहरणालय का किया घेराव, गरीबों को 5 डिसमिल जमीन देने और दबंगों के कब्जे से भूमि मुक्त कराने की मांग की

रोहतास जिले में भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) का घेराव किया। इस दौरान नेताओं ने सरकार पर वादाखिलाफी और सासाराम एडीएम पर कई गंभीर आरोप लगाए......

भाकपा माले ने समाहरणालय का किया घेराव, गरीबों को 5 डिसमिल जम
भाकपा माले ने समाहरणालय का किया घेराव- फोटो : रंजन कुमार

Sasaram : रोहतास जिले के सासाराम में भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने सासाराम समाहरणालय के मुख्य द्वार को पूरी तरह से बंद कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गए। माले नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'अभियान बसेरा-2' के तहत गरीबों और भूमिहीनों को जमीन आवंटन करने की आड़ में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और धांधली की जा रही है।


5 डिसमिल की जगह मात्र 1 डिसमिल जमीन देने पर जताया कड़ा ऐतराज 

प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने कहा कि पूर्व में जिन गरीब भूमिहीनों को अभियान बसेरा के तहत पर्चा (भू-खंड आवंटन पत्र) दिया गया था, उन्हें नियमानुसार 5 डिसमिल जमीन मिलनी चाहिए थी। लेकिन प्रशासनिक अनदेखी के कारण उन गरीब पर्चाधारियों को 5 डिसमिल की जगह केवल 1 डिसमिल जमीन देकर टहलाया जा रहा है। माले कार्यकर्ताओं ने इसे गरीबों के अधिकारों पर डाका बताते हुए सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


दबंगों के कब्जे से पर्चाधारियों की जमीन मुक्त कराने की मांग, एडीएम पर लगाए गंभीर आरोप 

धरना दे रहे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्षों पहले जिन गरीबों को पर्चा आवंटित किया गया था, उनकी जमीनों पर आज भी स्थानीय दबंग कब्जा जमाकर बैठे हुए हैं। प्रशासन पर्चाधारियों को उनकी जमीन पर भौतिक कब्जा दिलाने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सासाराम के अपर समाहर्ता (एडीएम) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए उन पर कई आरोप लगाए और चेतावनी दी कि जब तक गरीबों को उनकी जमीन पर कब्जा नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।


अखिल भारतीय खेत मजदूर सभा समेत कई जनसंगठनों ने दिया समर्थन 

भाकपा माले के इस विशाल विरोध प्रदर्शन और घेराव कार्यक्रम में 'अखिल भारतीय खेत मजदूर सभा' सहित कई स्थानीय मजदूर व किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। विभिन्न संगठनों के नेताओं ने एकजुट होकर कलेक्ट्रेट परिसर में हुंकार भरी और कहा कि गरीबों की जमीन पर दबंगों का कब्जा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद होने के कारण प्रशासनिक कामकाज और आम लोगों की आवाजाही घंटों प्रभावित रही।


मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की दी चेतावनी, पुलिस-प्रशासन अलर्ट 

समाहरणालय परिसर में घंटों चले इस हंगामे और घेराव के बाद प्रशासनिक अधिकारी स्थिति को संभालने में जुटे रहे। भाकपा माले और सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी के नाम एक ज्ञापन सौंपकर मांग की कि सभी पर्चाधारियों को 5 डिसमिल जमीन पर तत्काल कब्जा दिलाया जाए और एडीएम कार्यालय की कार्यप्रणाली की पारदर्शी जांच कराई जाए। नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे जिले में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।


रंजन की रिपोर्ट