सासाराम पुलिस को बड़ी कामयाबी : तेलंगाना से जुड़े तार वाले चार शातिर साइबर अपराधी को दबोचा
सासाराम पुलिल ने गुप्त सूचना पर एक होटल में छापेमारी कर चार शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के तार दक्षिण भारत के तेलंगाना राज्य से जुड़े हुए हैं और यह नेटवर्क बड़े पैमाने पर सक्रिय था...
Sasaram : रोहतास जिले के सासाराम नगर थाना पुलिस को साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने नगर थाना क्षेत्र में स्थित आशीर्वाद होटल में गुप्त सूचना के आधार पर औचक छापेमारी कर चार शातिर साइबर अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए इन अपराधियों के पास से कई मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग ये लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए करते थे। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के तार दक्षिण भारत के तेलंगाना राज्य से जुड़े हुए हैं और यह नेटवर्क बड़े पैमाने पर सक्रिय था।
भभुआ का आदित्य राज है गिरोह का मास्टरमाइंड, रोहतास के तीन अन्य साथी भी गिरफ्तार
मामले का खुलासा करते हुए सासाराम के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO-1) विप्लव कुमार ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों में भभुआ का रहने वाला आदित्य राज इस पूरे गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड है। उसके साथ ही पुलिस ने रोहतास जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से तीन अन्य सह-अभियुक्तों को भी दबोचा है। पकड़े गए अन्य अपराधियों की पहचान बघेला निवासी अमन कुमार पटेल, नोखा के सलेमपुर निवासी रवि कुमार वर्मा तथा धनकाढा निवासी आदित्य कुमार के रूप में की गई है।
लिंक भेजकर और ओटीपी पूछकर बैंक खातों से उड़ाते थे लोगों की गाढ़ी कमाई
पुलिस पूछताछ में इन अपराधियों के काम करने के तौर-तरीकों का बड़ा खुलासा हुआ है। यह गिरोह आम लोगों को झांसे में लेने के लिए उनके मोबाइल पर तरह-तरह के फर्जी लिंक भेजता था। जैसे ही कोई व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक करता या इनके झांसे में आकर अपने फोन पर आए ओटीपी (OTP) की जानकारी इनसे साझा करता, ये अपराधी पलक झपकते ही पीड़ित के बैंक खाते से सारा पैसा उड़ा लेते थे। इनके पास से मिले मोबाइलों में कई संदिग्ध डेटा और नंबर पाए गए हैं।
भोले-भाले लोगों के खातों का करते थे इस्तेमाल, 2.5% कमीशन का देते थे लालच
साइबर पुलिस को चकमा देने के लिए यह गिरोह बेहद शातिराना तरीका अपनाता था। ठगी की रकम को सीधे अपने खातों में मंगाने के बजाय, ये लोग स्थानीय और सीधे-साधे लोगों के बैंक खातों का उपयोग करते थे। इन खातों में साइबर फ्रॉड का पैसा मंगवाया जाता था और इसके बदले में मुख्य अपराधी उस खाताधारक को कुल रकम का 2.5% कमीशन देते थे। पुलिस ने बताया कि इस लालच में आकर अपने खातों का दुरुपयोग कराने वाले ऐसे कई खाताधारकों को चिन्हित कर लिया गया है, जिन पर जल्द गाज गिर सकती है।
बरामद मोबाइलों की खंगाल रही कुंडली, आगे के नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस
नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार चारों अपराधियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही, इनके पास से जब्त किए गए मोबाइलों को तकनीकी जांच के लिए भेजा जा रहा है ताकि इनके पूरे नेटवर्क, बैंक ट्रांजैक्शन और तेलंगाना में बैठे इनके आकाओं का पता लगाया जा सके। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में सक्रिय साइबर ठगी के कई और मामलों का पर्दाफाश होने की पूरी उम्मीद है।
सासाराम से रंजन की रिपोर्ट।