भरत तिवारी एनकाउंटर पर बोले उपेंद्र कुशवाहा : 'सरकार पर भरोसा रखें लोग, किसी भी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर रालोमो के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने जनता से सरकार पर भरोसा रखने और धैर्य बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन से गलती हुई होगी तो उसमें सुधार होगा, जांच रिपोर्ट आने से पहले इस गंभीर मुद्दे पर राजनीति ठीक नही
Sasaram : भोजपुर जिले के बिलौटी में हुए कथित पुलिस एनकाउंटर मामले को लेकर राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा का बड़ा बयान सामने आया है। सासाराम पहुंचे कुशवाहा ने आम जनता से अपील की है कि वे सरकार और प्रशासन पर पूरा भरोसा रखें। उन्होंने कहा कि लोगों की मांग को स्वीकार करते हुए सरकार ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) शुरू करवा दी है और आज जांच के लिए रिटायर्ड जज खुद घटनास्थल वाले गांव में पहुंच चुके हैं। ऐसे में सभी को धैर्य रखते हुए जांच रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।
सरकार की नीयत साफ, गलती हुई होगी तो जरूर होगा सुधार: उपेंद्र कुशवाहा
उपेंद्र कुशवाहा ने सासाराम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सरकार का बचाव किया और कहा कि लोकतंत्र में जनता का भरोसा सबसे ऊपर है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर सरकार या स्थानीय प्रशासन से इस पूरे घटनाक्रम में कहीं भी कोई चूक या गलती हुई है, तो उसे जरूर सामने लाया जाना चाहिए। सरकार अपनी कमियों को छिपाने के बजाय उनमें सुधार करने के लिए पूरी तरह तैयार है और इस दिशा में कदम भी उठाए जा रहे हैं।
गांव पहुंचे सेवामुक्त न्यायाधीश, निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति होगी साफ
एनकाउंटर के बाद उपजे जनाक्रोश और उठते सवालों को शांत करने के लिए सरकार की तत्परता का जिक्र करते हुए कुशवाहा ने कहा कि जनता की मांग पर तुरंत एक्शन लिया गया है। इस संवेदनशील मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एक रिटायर्ड जज को जांच की कमान सौंपी गई है, जो आज खुद बिलौटी गांव का दौरा करने और साक्ष्य जुटाने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि जब जांच का जिम्मा देश की न्यायपालिका से जुड़े वरिष्ठ चेहरे को सौंप दिया गया है, तो किसी भी प्रकार के पक्षपात की कोई गुंजाइश नहीं बचती।
संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति ठीक नहीं, सरकार के कदम का सभी करें समर्थन
जब पत्रकारों ने बिलौटी एनकाउंटर को लेकर राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) की आधिकारिक नीति और स्टैंड के बारे में पूछा, तो उपेंद्र कुशवाहा ने परिपक्वता दिखाते हुए कहा कि ऐसे गंभीर और संवेदनशील विषयों को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "एक संवेदनशील विषय को लेकर अलग-अलग पार्टियों की अलग-अलग राय नहीं हो सकती। अगर सरकार ने सच को सामने लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है, तो हम सभी को राजनीति से ऊपर उठकर सरकार के इस फैसले का समर्थन करना चाहिए।"
जांच रिपोर्ट आने से पहले सवाल उठाना जल्दबाजी, धैर्य रखें लोग
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने लोगों और विपक्षी दलों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि बिना किसी ठोस आधार या रिपोर्ट के पहले से ही किसी नतीजे पर पहुंच जाना सही नहीं है। पूरे मामले की जांच बेहद पारदर्शी तरीके से की जा रही है। उन्होंने दोटूक कहा कि न्यायिक जांच की आधिकारिक रिपोर्ट को पहले सामने आने दीजिए, प्रशासन या व्यवस्था पर कोई भी सवालिया निशान रिपोर्ट के तथ्यों को देखने के बाद ही खड़ा किया जा सकता है।
सम्राट-मोदी सरकार में मिलेगा न्याय, 'सबका साथ-सबका विकास' पर भरोसा बरकरार
अंत में कुशवाहा ने बिहार की एनडीए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सूबे में कानून का राज है और किसी भी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। सरकार हर नागरिक की सुरक्षा और न्याय के प्रति जवाबदेह है। बिलौटी मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए सरकार ने जो त्वरित कदम उठाए हैं, वह यह साबित करता है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में प्रशासन 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' की नीति पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
रंजन की रिपोर्ट