Bihar Vande Bharat Express: वंदे भारत बीच ट्रैक पर हुई बेपटरी, ब्रेक सिस्टम फेल होने से 5 घंटे तक फंसे रहे यात्री, पानी और खाने को लेकर मची अफरा-तफरी
Bihar Vande Bharat Express: देश की अत्याधुनिक ट्रेनों में शामिल वंदे भारत एक्सप्रेस के ब्रेक सिस्टम और इंजन से जुड़ी तकनीकी समस्या ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं।...
Bihar Vande Bharat Express: देश की अत्याधुनिक ट्रेनों में शामिल वंदे भारत एक्सप्रेस के ब्रेक सिस्टम और इंजन से जुड़ी तकनीकी समस्या ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। सासाराम रेलखंड पर उस समय अफरा-तफरी और परेशानी का माहौल बन गया, जब वाराणसी-रांची 20888 वंदे भारत एक्सप्रेस तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते में घंटों तक खड़ी रही। डीडीयू-गया रेलखंड के शिवसागर और कुम्हऊ रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेन करीब साढ़े चार से पांच घंटे तक एक ही स्थान पर रुकी रही।
जानकारी के अनुसार, डीडीयू (पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन) से रवाना होने के कुछ समय बाद ही ट्रेन के ब्रेक सिस्टम में गड़बड़ी के संकेत मिलने लगे। स्थिति को गंभीर देखते हुए लोको पायलट ने सुरक्षा के मद्देनजर ट्रेन को शिवसागर और कुम्हऊ स्टेशन के बीच रोक दिया। इसके बाद कई बार ट्रेन को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया, लेकिन ब्रेक सिस्टम बार-बार जवाब देता रहा, जिससे ट्रेन आगे नहीं बढ़ सकी।तकनीकी खराबी की सूचना मिलते ही सासाराम रेलवे स्टेशन से विशेषज्ञ इंजीनियरों और तकनीकी कर्मियों की टीम मौके पर भेजी गई। घंटों की मशक्कत के बाद किसी तरह तकनीकी खामी को अस्थायी रूप से दूर किया गया और ट्रेन को सावधानीपूर्वक सासाराम स्टेशन तक लाया गया। वहां पहुंचने के बाद यात्रियों ने कुछ राहत की सांस ली।
हालांकि इस लंबे इंतजार ने यात्रियों को काफी परेशान कर दिया। ट्रेन में सफर कर रहे लोगों का कहना था कि सुनसान इलाके में घंटों तक ट्रेन खड़ी रहने के कारण खाने-पीने और पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई। कई यात्रियों ने शिकायत की कि इस दौरान उन्हें रेलवे की ओर से पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी।यात्रियों के अनुसार, लगभग पांच घंटे तक ट्रेन एक ही स्थान पर खड़ी रहने के कारण शौचालयों की स्थिति भी खराब हो गई थी। कई यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर उनकी समस्याओं को सुनने या समाधान करने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी नजर नहीं आया।
वहीं रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और रेलवे अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी खराबी को दूर कर दिया गया है तथा ट्रेन को सुरक्षित रूप से आगे के लिए रवाना कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक, यह ट्रेन सामान्य तौर पर शाम 5:40 बजे सासाराम पहुंचती है, लेकिन तकनीकी बाधा के कारण रात 10:54 बजे स्टेशन पहुंच सकी।इस घटना ने एक बार फिर हाई-स्पीड और आधुनिक ट्रेनों की तकनीकी विश्वसनीयता तथा आपातकालीन परिस्थितियों में यात्री सुविधाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे प्रशासन अब पूरे मामले की तकनीकी जांच कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
रिपोर्ट- रंजन कुमार