Bihar News : शेखपुरा के चकंद्रा पहाड़ी पर भारी ब्लास्टिंग से ग्रामीणों में हाहाकार, मकानों में आई दरारें, कईयों ने आत्मदाह की चेतावनी

Bihar News : शेखपुरा के चक्रंदा पहाड़ी पर ब्लास्टिंग से ग्रामीणों में हाहाकार मचा है. इससे कई घरों में दरार आ गयी है. जिसके लिए ग्रामीण प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं.......पढ़िए आगे

Bihar News : शेखपुरा के चकंद्रा पहाड़ी पर भारी ब्लास्टिंग से
ब्लास्टिंग से हाहाकार - फोटो : SOCIAL MEDIA

SHEKHPURA : जिले के चेवाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत चकंद्रा पहाड़ी भूखंड पर चल रहे उत्खनन कार्य को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने उत्खनन कार्य में लगी नटराज कंपनी पर खनन नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध रूप से भारी ब्लास्टिंग करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रतिदिन हो रहे विस्फोट से आसपास के गांवों में भूकंप जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिसके कारण कई मकानों में दरारें पड़ गई हैं। बरारीबीघा गांव निवासी शम्भू चौधरी ने बताया कि लगातार हो रही ब्लास्टिंग के चलते उनके घर सहित दर्जनों मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा अन्य प्रभावित लोगों को प्रति कमरे के हिसाब से डेढ़ लाख रुपये मुआवजा दिया गया है, जबकि उन्हें अब तक कोई लाभ नहीं मिला है। शम्भू चौधरी का कहना है कि महादलित परिवार से होने के कारण उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। कंपनी की ओर से उन्हें मात्र एक लाख रुपये देने की बात कही गई, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।

पीड़ित के अनुसार, लगातार हो रहे विस्फोट के कारण उनके चार कमरों में दरारें आ गई हैं और मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। इस संबंध में उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो वे परिवार सहित आत्महत्या करने को विवश होंगे। ग्रामीणों ने कंपनी के कर्मियों पर धमकी देने का भी आरोप लगाया है। इधर, मामले को लेकर जिलाधिकारी शेखर आनंद ने कहा कि भारी ब्लास्टिंग और मकानों के क्षतिग्रस्त होने की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि जांच में कंपनी द्वारा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि चकंद्रा पहाड़ी पर संचालित उत्खनन कार्य को लेकर पूर्व में भी स्थानीय लोगों द्वारा अवैध खनन एवं नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए जाते रहे हैं, किंतु अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। वहीं, उत्खनन के दौरान भूस्खलन की घटनाओं में कुछ मजदूरों के घायल होने की भी सूचना है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

उमेश की रिपोर्ट