बिहार के इस गांव में चल रही थी 'ठगी की फैक्ट्री', STF ने घेराबंदी कर उखाड़ा साइबर अपराधियों का साम्राज्य, 10 राज्यों की पुलिस को थी तलाश
बिहार में साइबर अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एसटीएफ और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक बड़े सिंडिकेट को ध्वस्त किया है। देशभर में लोगों को ठगने वाले गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
Sheikhpura - बिहार में बढ़ते साइबर अपराध के खिलाफ एसटीएफ (STF) और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने शेखपुरा जिले में एक बड़ी सफलता हासिल की है। बरबीघा थाना क्षेत्र के छबीला टीका गांव में की गई संयुक्त छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को धर दबोचा है। यह गिरोह जाली लोन ऐप के जरिए भोले-भले लोगों को अपना शिकार बना रहा था।
गुप्त सूचना पर संयुक्त कार्रवाई
साइबर डीएसपी ज्योति कुमारी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पटना से मिली गुप्त सूचना के आधार पर एसटीएफ और ईओयू की टीम ने छबीला टीका गांव में दबिश दी। छापेमारी के दौरान एक दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिनमें से पांच की संलिप्तता पुख्ता होने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, अंधेरे और भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर दो आरोपी भागने में सफल रहे, जिनकी तलाश जारी है।
'धनी फाइनेंस' ऐप के नाम पर बिछाया था जाल
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी “धनी फाइनेंस” नामक फर्जी लोन ऐप का सहारा लेकर ठगी कर रहे थे। ये अपराधियों का गिरोह लोगों को सोशल मीडिया और मैसेज के जरिए बेहद सस्ते ब्याज दर पर लोन देने का प्रलोभन देता था। एक बार जब कोई व्यक्ति इनके जाल में फंस जाता, तो वे प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्कों के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूल लेते थे।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण और बरामदगी
पुलिस ने मौके से ठगी में इस्तेमाल होने वाले 6 मोबाइल फोन और भारी मात्रा में ग्राहकों का डेटाबेस बरामद किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की सूची इस प्रकार है:
- राजू कुमार (पिता: संजय रावत) - इसके मोबाइल से NCR पोर्टल पर 10 विभिन्न राज्यों की शिकायतें लिंक मिली हैं।
- पुष्पक कुमार (पिता: राजकुमार प्रसाद)
- राजीव कुमार (पिता: इंद्रदेव प्रसाद)
- अवनीश कुमार (पिता: संजय प्रसाद)
- मोहित कुमार (पिता: राजू रावत)
अंतरराज्यीय ठगी के मिले सबूत
साइबर डीएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी राजू कुमार के मोबाइल की जब तकनीकी जांच की गई, तो पता चला कि उसके विरुद्ध देश के अलग-अलग राज्यों से साइबर ठगी की 10 शिकायतें नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर पहले से ही दर्ज हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह गिरोह केवल बिहार ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय था।
जनता के लिए पुलिस की एडवाइजरी
डीएसपी ज्योति कुमारी ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान लिंक या संदिग्ध लोन ऐप पर भरोसा न करें। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि अपनी आधार, पैन, और बैंक डिटेल्स किसी अनजान से साझा न करें।ओटीपी (OTP) मांगना ठगी का पहला संकेत है, इसे कभी शेयर न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं।
पुलिस अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और गिरोह के बैंक खातों को खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
Report - umesh kumar