Bihar Crime: शेखपुरा में दारोगा भर्ती परीक्षा में हाईटेक फर्जीवाड़ा बेनकाब, महिला मास्टरमाइंड समेत चार गिरफ्तार

Bihar Crime:खाकी पहनने के सपने में फर्जीवाड़े का ज़हर घोलते हुए एक ‘मुन्ना भाई’ दूसरे के नाम पर परीक्षा देता पकड़ा गया।

Bihar Crime: शेखपुरा में दारोगा भर्ती परीक्षा में हाईटेक फर्
दरोगा भर्ती परीक्षा में मुन्ना भाई - फोटो : UMESH

SHEKHPURA : शेखपुरा से दरोगा भर्ती परीक्षा की सियासत और सिस्टम पर सवाल खड़े करने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। खाकी पहनने के सपने में फर्जीवाड़े का ज़हर घोलते हुए एक ‘मुन्ना भाई’ दूसरे के नाम पर परीक्षा देता पकड़ा गया। इस हाईटेक खेल का पर्दाफाश होते ही भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर फिर बहस छिड़ गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला मास्टरमाइंड समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी के मुताबिक, शहर के डीएम प्लस टू उच्च विद्यालय स्थित परीक्षा केंद्र से कुंदन कुमार नामक युवक को रंगे हाथों पकड़ा गया, जो दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर दरोगा भर्ती परीक्षा दे रहा था। कुंदन की गिरफ्तारी के साथ ही परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद उसके तीन सहयोगियों को भी दबोच लिया गया। इनमें एक 32 वर्षीय महिला सोनल कुमारी शामिल है, जिसे इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।

गिरफ्तार ‘मुन्ना भाई’ कुंदन कुमार नालंदा जिले के नुरसराय थाना क्षेत्र का रहने वाला है। जांच में खुलासा हुआ है कि महिला मास्टरमाइंड सोनल कुमारी ने ही 30 हजार रुपये और अन्य खर्च का लालच देकर कुंदन को परीक्षा देने के लिए तैयार किया था। यानी मेहनत नहीं, ‘सेटिंग’ के भरोसे दरोगा बनने की साजिश रची गई थी।

पुलिस जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ, जब सोनल कुमारी के मोबाइल फोन की तलाशी ली गई। व्हाट्सएप में विभिन्न परीक्षाओं के दर्जनों एडमिट कार्ड बरामद हुए हैं। इससे यह आशंका गहरा गई है कि यह गिरोह सिर्फ दरोगा भर्ती तक सीमित नहीं, बल्कि अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सेंधमारी कर चुका है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है।

पकड़े जाने के बाद कुंदन कुमार ने नाम बदलकर पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश की। उसने खुद को आदित्य कुमार बताया, लेकिन थाना अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार की सख्ती के आगे उसकी चालाकी टिक नहीं पाई। दस्तावेज़ों की जांच के बाद उसकी असली पहचान सामने आई और प्राथमिकी दर्ज कर ली गई।इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या भर्ती परीक्षाएं माफियाओं के चंगुल में फंसती जा रही हैं? पुलिस का दावा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और इस साजिश की जड़ तक पहुंचा जाएगा। फिलहाल, दरोगा भर्ती परीक्षा पर लगे इस दाग ने सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

रिपोर्ट- उमेश कुमार