बिहार में बढ़ेगा बालू खनन का दायरा, 10 फीसदी तक बढ़ सकते हैं नए घाट, सरकार ने शुरू कराया संभावित साइटों का सर्वे

Bihar Sand Mining: बिहार में बालू खनन का दायरा बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है।विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि पहले संभावित स्थानों की पहचान की जाएगी और इसके बाद...

Bihar Plans to Expand Sand Mining
बिहार में बढ़ेगा बालू खनन का दायरा- फोटो : reporter

Bihar Sand Mining:  बिहार में बालू खनन का दायरा बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। खान एवं भूतत्व विभाग अब राज्य में नए संभावित बालू घाटों की तलाश कराएगा। विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि पहले संभावित स्थानों की पहचान की जाएगी और इसके बाद अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर भौतिक सर्वे करेगी। विभागीय आकलन है कि इस प्रक्रिया के बाद राज्य में बालू घाटों की संख्या 8 से 10 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।

सरकार का फोकस अब सिर्फ कागजी रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहेगा। संभावित नए घाटों की वास्तविक स्थिति, वहां उपलब्ध बालू की मात्रा और खनन की व्यवहारिक संभावना की जांच जमीन पर जाकर की जाएगी। इसके बाद ही किसी स्थान को नए बालू घाट के रूप में सूचीबद्ध करने का फैसला होगा।

सर्वे के बाद बदलेगी DSR

भौतिक सर्वे पूरा होने के बाद संबंधित जिलों की जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (DSR) में आवश्यक संशोधन किया जाएगा। नए संभावित घाटों को रिपोर्ट में शामिल करने के बाद उन्हें नीलामी के दायरे में लाया जाएगा। इससे बालू खनन का दायरा बढ़ने के साथ-साथ राज्य सरकार के राजस्व में भी इजाफा होने की उम्मीद है। खान एवं भूतत्व विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को संभावित नए बालू घाटों की पहचान करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे स्थानों की सूची तैयार करने को कहा गया है, जहां बालू की उपलब्धता की संभावना है।

कागज नहीं, मौके पर होगी हकीकत की जांच

सचिव अवनीश कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि सिर्फ कागजी रिकॉर्ड के आधार पर किसी नए घाट का निर्धारण नहीं किया जाएगा। अधिकारियों की टीम मौके पर जाकर बालू की मात्रा, घाट की मौजूदा स्थिति और वहां खनन की संभावना का आकलन करेगी।जांच में यदि किसी स्थान पर पर्याप्त बालू उपलब्ध पाया जाता है और वहां नियमानुसार खनन की संभावना बनती है, तभी उसे नए घाट के तौर पर DSR में शामिल किया जाएगा।

बढ़ सकती है सरकार की कमाई

नए बालू घाटों को नीलामी प्रक्रिया में शामिल किए जाने से खनन गतिविधियों का दायरा बढ़ने की संभावना है। इससे निर्माण क्षेत्र के लिए बालू की उपलब्धता बढ़ाने के साथ सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी हो सकती है।फिलहाल विभाग ने जिलों में संभावित स्थलों की पहचान और सर्वे की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है। अब नजर इस बात पर होगी कि भौतिक जांच के बाद कितने नए घाट चिन्हित होते हैं और उनमें से कितनों को अंततः नीलामी के लिए मंजूरी मिलती है।

रिपोर्ट- मनोज कुमार