25वीं रैंक से बिहार में टॉप तक पहुंचा शिवहर, स्वास्थ्य सेवाओं में रचा नया इतिहास
Bihar Health Department: शिवहर जिलाधिकारी प्रतिभा रानी के कुशल नेतृत्व और अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप, जिले ने कुल 110 अंकों में से 106 अंक हासिल कर स्वास्थ्य सेवाओं की रैंकिंग में पहला स्थान प्राप्त किया है...
Bihar Health Department:कभी स्वास्थ्य सेवाओं की रैंकिंग में 25 से ऊपर रहने वाला शिवहर अब पूरे बिहार में अव्वल बनकर सामने आया है। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, ऑनलाइन सेवा उपलब्धता और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं के विभिन्न मानकों पर हुए हालिया मूल्यांकन में शिवहर जिले ने 110 में से 106 अंक हासिल कर बिहार में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बड़ी छलांग मानी जा रही है।खास बात यह है कि जिलाधिकारी प्रतिभा रानी के कार्यकाल में यह दूसरी बड़ी उपलब्धि है, जब शिवहर ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में पूरे राज्य में शीर्ष स्थान हासिल किया है। लगातार बेहतर प्रदर्शन ने यह साबित किया है कि मजबूत मॉनिटरिंग, तकनीक के इस्तेमाल और स्वास्थ्यकर्मियों की जवाबदेही से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव संभव है।
100% ऑनलाइन डॉक्टर कंसल्टेशन ने बदली व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग के मूल्यांकन में शिवहर का प्रदर्शन कई अहम मानकों पर शानदार रहा। जिले के सदर अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को बेहतर एवं समयबद्ध इलाज उपलब्ध कराने के प्रयासों का असर अब आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहा है।अस्पतालों में आने वाले मरीजों का 100 प्रतिशत डॉक्टर कंसल्टेशन ऑनलाइन दर्ज किया जा रहा है। वहीं, 99.97 प्रतिशत मरीजों के वाइटल पैरामीटर्स भी सफलतापूर्वक रिकॉर्ड किए गए हैं। इससे डॉक्टरों को मरीज की स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी और उपचार संबंधी निर्णय लेने में मदद मिल रही है।
मानकों पर शिवहर का शानदार प्रदर्शन
स्वास्थ्य विभाग के मूल्यांकन में जिले ने कई क्षेत्रों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मूल्यांकन के प्रमुख मानक- डॉक्टर कंसल्टेशन: 100% ऑनलाइन दर्ज,वाइटल जांच (Vital Taken): 99.97% सफलता,एचएससी एवं आशा अडॉप्शन: 100%, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन (BMW): 100%, डाइट एवं किचन सेवाएं: 100%,औसत प्रतीक्षा समय (Average Waiting Time): मात्र 20 मिनट,औसत यात्रा समय (Average Journey Time): 28 मिनट, आईपीडी स्थिति / कुल भर्ती (IPD Status): 86.80% खराउतरा है।इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मरीज-केंद्रित बनाने पर कितना जोर दिया जा रहा है।
अस्पताल में मरीजों का इंतजार घटा
शिवहर की स्वास्थ्य व्यवस्था में सबसे बड़े पहलुओं में से एक औसत प्रतीक्षा समय का सिर्फ 20 मिनट रह जाना है। अस्पताल पहुंचने के बाद मरीजों को लंबे समय तक डॉक्टर या स्वास्थ्य सेवा के लिए इंतजार नहीं करना पड़ रहा है। यह व्यवस्था मरीजों को त्वरित सेवा देने की दिशा में अहम कामयाबी मानी जा रही है।वहीं, अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए डाइट और किचन सेवाओं में भी जिले ने 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। स्वास्थ्य संस्थानों में बायोमेडिकल कचरे के बेहतर प्रबंधन और HSC के शत-प्रतिशत अडॉप्शन ने भी जिले की रैंकिंग को मजबूत किया।
स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत को मिला मुकाम
शिवहर की इस कामयाबी को सिर्फ प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि डॉक्टरों, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों और तमाम स्वास्थ्यकर्मियों की सामूहिक मेहनत का नतीजा माना जा रहा है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए सभी संबंधित कर्मियों के योगदान की सराहना की है।स्वास्थ्य सेवाओं में कभी पिछड़ने वाले जिले का बिहार में नंबर-1 तक पहुंचना अपने आप में बड़ी तस्वीर पेश करता है। 106/110 अंक की यह उपलब्धि बताती है कि अगर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निगरानी, डिजिटल रिकॉर्डिंग, जवाबदेही और सेवा की गुणवत्ता पर लगातार फोकस किया जाए, तो व्यवस्था की तस्वीर बदली जा सकती है।शिवहर की यह कामयाबी अब दूसरे जिलों के लिए भी एक मिसाल बन सकती है।
शिवहर से मनोज कुमार की रिपोर्ट