Sitamarhi News: सीतामढ़ी नगर निगम बोर्ड बैठक में हंगामा, पार्षदों ने अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

Sitamarhi News: सीतामढ़ी नगर निगम की सामान्य बोर्ड बैठक में पार्षदों ने सूचना व्यवस्था, प्रोसीडिंग और सफाई एजेंसी के चयन को लेकर जमकर हंगामा किया। उपमेयर और सिटी मैनेजर के बीच भी तीखी बहस हुई।

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Sitamarhi News: सीतामढ़ी नगर निगम सभागार में गुरुवार को मेयर रौनक जहां परवेज की अध्यक्षता में आयोजित सामान्य बोर्ड की बैठक काफी हंगामेदार रही। बैठक का उद्देश्य नगर निगम क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करना, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार अस्थायी एबीसी सेंटर (श्वान बंध्याकरण केंद्र) के संचालन पर चर्चा करना तथा पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि करना था। हालांकि बैठक शुरू होते ही जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।

बैठक की शुरुआत में ही वार्ड संख्या 25 के पार्षद अरविंद कुमार ने बैठक की सूचना समय पर नहीं दिए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड बैठकों की सूचना केवल एक या दो दिन पहले दी जाती है, जिससे पार्षदों को एजेंडे का अध्ययन करने और जनहित से जुड़े विषयों पर तैयारी करने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने कड़ा विरोध दर्ज कराया।

वार्ड संख्या 16 के पार्षद ने नाराजगी जाहिर की

इसके बाद वार्ड संख्या 16 के पार्षद अमरेंद्र पासवान उर्फ गुड्डू ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि बैठकों की प्रोसीडिंग समय पर उपलब्ध नहीं कराई जाती और बिना पूरी जानकारी दिए निर्णयों पर सहमति बनाने का दबाव बनाया जाता है। पार्षदों ने यह भी कहा कि पूर्व में एक एमएलसी द्वारा भी इस विषय को उठाया गया था। उस समय सुधार का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई बदलाव नहीं हुआ है।

सफाई व्यवस्था का मुद्दा काफी गरमा गया

बैठक के दौरान सफाई व्यवस्था का मुद्दा भी काफी गरमा गया। नगर निगम क्षेत्र में सफाई के लिए मानवबल उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों की समय सीमा समाप्त होने के बाद कुछ सदस्यों ने सीधे ‘गौरीशंकर एजेंसी’ को काम देने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव का उपमेयर आशुतोष कुमार और कई अन्य पार्षदों ने कड़ा विरोध किया।

उपमेयर और अन्य पार्षदों ने क्या कहा?

उपमेयर और अन्य पार्षदों का कहना था कि किसी भी एजेंसी को सीधे काम देना नियमों के खिलाफ होगा। उन्होंने नगरपालिका अधिनियम के तहत पूरी पारदर्शिता के साथ निविदा प्रक्रिया अपनाने की मांग की। इस पर बोर्ड ने सर्वसम्मति से गैर-नियमानुकूल प्रस्ताव को खारिज कर दिया और नगर आयुक्त को नियमों के अनुसार पारदर्शी प्रक्रिया अपनाकर आगे की कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया।

उपमेयर और सिटी मैनेजर के बीच तीखी बहस

बैठक के दौरान उपमेयर आशुतोष कुमार और सिटी मैनेजर अमरजीत कुमार के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। उपमेयर ने आरोप लगाया कि बोर्ड बैठकों में जो निर्णय लिए जाते हैं, उन्हें प्रोसीडिंग में अलग तरीके से दर्ज किया जाता है। उन्होंने कहा कि बोर्ड की सहमति के बिना किसी भी निर्णय को मनमाने तरीके से लागू नहीं किया जा सकता। लगातार हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप के बीच बैठक की कार्यवाही आगे बढ़ी। हालांकि पार्षदों ने स्पष्ट किया कि नगर निगम के कामकाज में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है ताकि जनहित से जुड़े मामलों में किसी तरह की अनियमितता न हो। बैठक के बाद भी सूचना व्यवस्था, प्रोसीडिंग और सफाई एजेंसी के चयन को लेकर उठे सवाल चर्चा का विषय बने रहे। नगर निगम के जनप्रतिनिधियों ने भविष्य में सभी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और नियमों के अनुरूप बनाने की मांग की।

सीतामढ़ी से अविनाश की रिपोर्ट