Siwan News:पचरुखी BDO की बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ी का वीडियो वायरल,अधिकारी के बेपरवाह बयान से मचा बवाल
सीवान जिले के पचरुखी BDO विनीत कुमार की सरकारी गाड़ी पिछले कई दिनों से बिना नंबर प्लेट के सड़कों पर दौड़ रही है। जब मीडिया ने इस बारे में पूछा, तो BDO साहब का गैर-जिम्मेदाराना जवाब आया–"वायरल हो रहा है तो होने दीजिए, इससे कुछ नहीं होने वाला!"
सीवान जिले के पचरुखी प्रखंड से प्रशासनिक लापरवाही का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। पचरुखी के प्रखंड विकास अधिकारी (BDO) विनीत कुमार की सरकारी गाड़ी पिछले कई दिनों से बिना रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट के ही सड़कों पर बेधड़क दौड़ रही है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब उनकी इस गाड़ी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया।
नंबर की जगह सिर्फ लिखा है 'बिहार सरकार'
हैरानी की बात यह है कि बीडीओ की गाड़ी में नंबर प्लेट लगाने के लिए जगह तो तय है, लेकिन उस पर कोई गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज नहीं है। नंबर की जगह सिर्फ "बिहार सरकार" और "प्रखंड विकास पदाधिकारी, पचरुखी" लिखा हुआ है। एक तरफ जहां पुलिस बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों पर आम जनता का तुरंत चालान काट देती है, वहीं अधिकारी खुद इस नियम को ठेंगा दिखा रहे हैं।
अधिकारी का बेपरवाह बयान- "वायरल हो रहा है तो होने दीजिए"
जब इस लापरवाही को लेकर पचरुखी बीडीओ विनीत कुमार से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने पहले इस बात से पूरी तरह अनभिज्ञता जताई। बाद में वीडियो का हवाला देने पर उन्होंने सफाई दी कि गाड़ी की नंबर प्लेट टूट गई है। इतना ही नहीं, उन्होंने बेहद गैर-जिम्मेदाराना लहजे में कहा कि वीडियो वायरल हो रहा है तो होने दीजिए, इससे कुछ नहीं होने वाला, नंबर प्लेट नहीं लगा है तो नहीं लगा है।
बीडीओ के रवैये पर उठे सवाल, खड़ा हुआ नया विवाद
बीडीओ विनीत कुमार का यह गैर-जिम्मेदाराना जवाब सामने आने के बाद अब स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है। सवाल सिर्फ एक नंबर प्लेट टूटने या गायब होने का नहीं है, बल्कि उस मानसिकता का है जहां आम जनता पर तुरंत जुर्माना लगाने वाले प्रशासनिक अधिकारी खुद को नियम और कानून से ऊपर समझने लगते हैं।
कानून लागू करने वालों की दोहरी नीति पर नाराजगी
यह घटना आम जनता और अधिकारियों के लिए अलग-अलग नियमों की दोहरी नीति को उजागर करती है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर काफी नाराजगी है कि जब नियम बनाने और उसे लागू कराने वाले अधिकारी ही खुलेआम कानून की अनदेखी करेंगे, तो आम नागरिकों से नियमों के पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
सीवान से ताबिश इरशाद की रिपोर्ट