सीवान में AK-47 फायरिंग मामले में बड़ा बवाल: पीड़ित छात्रों से मिले इमरान प्रतापगढ़ी, SP की जवाबदेही तय करने की मांग

सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस फायरिंग की जांच के लिए इमरान प्रतापगढ़ी के नेतृत्व में कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग टीम सीवान पहुंची। टीम ने पीड़ित छात्रों से मुलाकात कर 1-1 लाख रुपये की मदद की घोषणा की और रिपोर्ट राहुल गांधी को सौंपी जाएगी

siwan ak 47 firing case congress imran pratapgarhi met injur
सीवान में AK-47 फायरिंग मामले में बड़ा बवाल- फोटो : news 4 nation

बिहार के सीवान में 25 जुलाई को छात्रों के आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग और कथित AK-47 गोलीबारी की घटना की जांच के लिए कांग्रेस की हाई-लेवल फैक्ट फाइंडिंग टीम पहुंची। इस प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, सासाराम के सांसद मनोज राम, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व विधायक विक्रम भूरिया और अल्पसंख्यक विभाग के स्टेट चेयरपर्सन हुमेर खान समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल थे।


पीड़ित छात्रों से मुलाकात और जिला प्रशासन को ज्ञापन

सीवान पहुंचने के बाद टीम सबसे पहले शेख मोहल्ला स्थित घायलों के आवास पर पहुंची। वहां उन्होंने गोलीबारी में घायल छात्र मोहम्मद आरिफ और आकाश यादव का हाल-चाल जाना। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने जेपी चौक और गांधी मैदान का दौरा कर प्रत्यक्षदर्शियों से घटना की जानकारी ली। अंत में टीम ने सीवान के जिला अधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।


'AK-47 ही नहीं, पिस्टल से जानबूझकर मारी गई गोली' - इमरान प्रतापगढ़ी

घायल छात्रों से मुलाकात के बाद राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह घटना सिर्फ AK-47 तक सीमित नहीं थी, बल्कि बाकायदा पिस्टल से भी जानबूझकर छात्रों पर सीधी फायरिंग की गई। उन्होंने बताया कि एक छात्र के गले और दूसरे के शरीर के बाईं ओर गोली लगी है। महज किस्मत से दोनों बच्चों की जान बच पाई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।


छात्रों के आंदोलन को बर्बरता से कुचलने का आरोप

इमरान प्रतापगढ़ी ने सीवान पुलिस की कार्यप्रणाली की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि जो छात्र अपनी मांगों और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, उनके साथ राज्य पुलिस ने आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि पुलिस छात्रों को अपना दुश्मन मानकर 15-20 साल के युवाओं पर सीधी गोलियां चला रही थी, जो किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद शर्मनाक है।


राहुल गांधी को सौंपी जाएगी रिपोर्ट, संसद में उठेगा मुद्दा

कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि सीवान दौरे के आधार पर तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व और राहुल गांधी को सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस आलाकमान के निर्देश पर ही यह टीम धरातल पर स्थिति का जायजा लेने आई है। इमरान प्रतापगढ़ी ने यह भी ऐलान किया कि आगामी संसद सत्र शुरू होने पर इस पुलिस बर्बरता के मुद्दे को देश की संसद में प्रमुखता से उठाया जाएगा।


पुलिस के दावों पर सवाल और वीडियो साक्ष्य का हवाला

जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा AK-47 न चलाए जाने के दावों को खारिज करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि घायलों के शरीर पर मौजूद गोलियों के निशान सच्चाई बयां कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वीडियो में एक पुलिसकर्मी को स्पष्ट रूप से AK-47 से सीधे भीड़ पर फायरिंग करते देखा जा सकता है। यह कोई हवाई फायरिंग नहीं थी, बल्कि सीधे जान लेने की नीयत से की गई फायरिंग थी।


सीवान एसपी पर उठे सवाल और उच्चस्तरीय जांच की मांग

प्रतापगढ़ी ने कहा कि इस मामले में सिर्फ निचले स्तर के कांस्टेबलों या पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करके इतिश्री नहीं की जा सकती। उन्होंने जिले के पुलिस कप्तान (SP) की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। इस पूरे मामले में विभागीय जांच के साथ-साथ यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि आखिरकार किस स्तर के आदेश पर छात्रों पर गोलियां चलाई गईं।


पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद का ऐलान और केंद्र पर हमला

घायल छात्रों के परिवारों की दयनीय आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग ने दोनों पीड़ित परिवारों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया। साथ ही उनके बेहतर इलाज की व्यवस्था कराने का भरोसा भी दिया। अंत में केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री में छात्रों के सवालों का सामना करने का साहस नहीं है।