छातापुर में बॉलीवुड का जलवा! चंकी पांडे के आगमन से सुपौल में जश्न का माहौल, बच्चों को मिलेगा बड़ा मंच

Bihar school annual day: 29 मार्च को सबसे खास आकर्षण पनोरमा स्टार कार्यक्रम होगा, जिसमें गायन, नृत्य और चित्रकला जैसी तीन प्रमुख प्रतियोगिताएं शामिल हैं।

Chhatapur buzzes as Chunky Pandey arrives kids get big stage
चंकी पांडे के आगमन से जश्न का माहौल- फोटो : reporter

Bihar school annual day: बिहार के सुपौल ज़िले के छातापुर प्रखंड के लिए यह वाकई फख्र और खुशी का लम्हा है। 29 मार्च को बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता चंकी पाण्डेय वार्षिकोत्सव समारोह में शिरकत करने छातापुर पहुंच रहे हैं। इस खबर ने पूरे इलाके में जोश और उत्साह का माहौल पैदा कर दिया है। बच्चे हों या बड़े हर कोई इस खास मौके का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।

इस अहम आयोजन की जानकारी पनोरमा ग्रुप के प्रबंध निदेशक संजीव मिश्रा ने दी। उन्होंने बताया कि पनोरमा पब्लिक स्कूल का छठा वार्षिकोत्सव 28 और 29 मार्च को बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा। हर साल की तरह इस बार भी सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, लेकिन इस दफा आयोजन को और भव्य और व्यापक बनाया गया है। इस बार का सबसे खास आकर्षण पनोरमा स्टार कार्यक्रम होगा, जिसमें गायन, नृत्य और चित्रकला जैसी तीन प्रमुख प्रतियोगिताएं शामिल हैं। इन मुकाबलों में 4 से 12 साल तक के जूनियर प्रतिभागियों को हिस्सा लेने का मौका दिया गया है। मकसद साफ है नन्हें हुनरमंदों को एक बड़ा मंच देना, ताकि वे अपनी छिपी काबिलियत को दुनिया के सामने ला सकें।

बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पनोरमा ग्रुप की तरफ से प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर आकर्षक नकद इनाम दिए जाएंगे। इससे बच्चों में मुकाबले की भावना और आत्मविश्वास दोनों को नई उड़ान मिलेगी। कार्यक्रम की तैयारियां भी पूरे जोर-शोर से चल रही हैं। छातापुर के दुर्गा मंदिर के पास स्थित होटल बंधन में मंच सजावट, साउंड सिस्टम और मेहमानों के इस्तकबाल की मुकम्मल व्यवस्था की जा रही है। बच्चों के ऑडिशन लगातार लिए जा रहे हैं और अभिभावकों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

चंकी पांडे के आगमन ने इस आयोजन को और खास बना दिया है। स्थानीय लोगों में उन्हें देखने की बेताबी साफ झलक रही है। आयोजकों का मानना है कि किसी बड़े कलाकार की मौजूदगी बच्चों के लिए प्रेरणा का जरिया बनती है। यह वार्षिकोत्सव सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को पंख देने का जरिया है जहां हुनर, हौसला और हर्षोल्लास एक साथ नजर आएगा।