सुपौल में लोहिया मेडिकल कॉलेज का डिप्टी सीएम ने किया निरीक्षण, समय सीमा के अंदर निर्माण कार्य पूरा करने का दिया निर्देश

सुपौल में लोहिया मेडिकल कॉलेज का डिप्टी सीएम ने किया निरीक्ष
लोहिया मेडिकल कॉलेज का डिप्टी सीएम ने किया निरीक्षण- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : कोसी क्षेत्र के स्वास्थ्य और शैक्षणिक ढांचे को एक नई और आधुनिक दिशा देने वाली महत्वाकांक्षी परियोजना 'लोहिया मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल' (दीनापट्टी) के निर्माण कार्यों का शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने स्थलीय निरीक्षण किया। दोपहर करीब 12:30 बजे परियोजना स्थल पहुंचे उपमुख्यमंत्री ने कॉलेज ब्लॉक, अस्पताल ब्लॉक, छात्रावास और आवासीय परिसरों का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की और निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया।


फरवरी 27 तक निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद  

निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री को बताया कि इस मेगा प्रोजेक्ट की कुल प्रशासनिक स्वीकृत राशि लगभग 603 करोड़ रुपये है। वर्तमान में अत्याधुनिक तकनीकों के साथ निर्माण कार्य करीब 50 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया है। निर्माण एजेंसी ने साइट पर मौजूद तकनीकी टीम के हवाले से उपमुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि फरवरी 2027 तक इस संपूर्ण परियोजना को पूरी तरह से मुकम्मल कर लिया जाएगा, जिसके बाद इसे आम जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।


स्थानीय लोगों को इलाज के लिए नही जाना पड़ेगा बाहर

डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव ने साइट इंजीनियरों से निर्माण सामग्री की मजबूती और तय मानकों के संबंध में विस्तारपूर्वक पूछताछ की। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि मेडिकल कॉलेज जैसी अति-महत्वपूर्ण और संवेदनशील परियोजना में किसी भी स्तर पर वित्तीय या तकनीकी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कार्य की गति को और तेज करने का निर्देश देते हुए कहा कि यह परियोजना न केवल सुपौल बल्कि पूरे कोसी क्षेत्र के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक गेम-चेंजर साबित होने वाली है। इसके शुरू होने से स्थानीय स्तर पर ही गंभीर बीमारियों का इलाज संभव हो सकेगा और लोगों को पटना या दरभंगा की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।


इस खास मौके पर उपमुख्यमंत्री के साथ सुपौल के जिलाधिकारी (डीएम) सावन कुमार भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने उपमुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन की ओर से इस निर्माण कार्य की साप्ताहिक और पाक्षिक रूप से नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि गुणवत्ता में कोई कमी न रहे। उपमुख्यमंत्री ने अब तक की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पिछड़े और ग्रामीण क्षेत्रों में वर्ल्ड-क्लास चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस कॉलेज के शुरू होने से न सिर्फ लाखों लोगों का पैसा और समय बचेगा, बल्कि डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और प्रशासनिक स्तर पर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे।


परियोजना स्थल पर मौजूद अभियंताओं ने बताया कि इस विशाल अस्पताल परिसर को भविष्य की सभी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इसमें अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (OT), हाईटेक आईसीयू (ICU), चौबीस घंटे चालू रहने वाला इमरजेंसी वार्ड, केंद्रीय मेडिकल लैब, डिजिटल शिक्षण कक्ष, एक समृद्ध पुस्तकालय और डॉक्टरों व छात्रों के लिए सर्वसुविधाजनक आवासीय परिसर का निर्माण किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री के इस कड़े रुख और औचक निरीक्षण के बाद निर्माण एजेंसी और प्रशासनिक अमले में सक्रियता काफी बढ़ गई है, जिससे उम्मीद है कि आने वाले महीनों में काम की रफ्तार और तेज होगी।


विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट