सुपौल की छात्रा देवयानी कुमारी ने विज्ञान कांग्रेस में लहराया परचम, राज्यस्तरीय संवर्द्धन कार्यक्रम के लिए हुईं चयनित
सुपौल जिले के नौवीं की छात्रा देवयानी कुमारी ने 32वीं राज्यस्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 के तहत आयोजित जिला स्तरीय परियोजना प्रस्तुतिकरण में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी इस सफलता पर परिवार और जिले में खुशी की लहर व्याप्त है.....
Supaul : जिले के अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू उच्च विद्यालय, रामनगर, पिपरा की कक्षा नौ की मेधावी छात्रा देवयानी कुमारी ने 32वीं राज्यस्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 के तहत आयोजित जिला स्तरीय परियोजना प्रस्तुतिकरण में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर पूरे जिले का मान बढ़ाया है। उनके उत्कृष्ट और तार्किक प्रदर्शन के आधार पर ही उनका चयन राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया था।
बेगूसराय में आयोजित राज्य प्रतियोगिता में दिखाया बेहतरीन कौशल
देवयानी कुमारी ने 1 से 3 नवंबर 2026 तक बेगूसराय में आयोजित राज्यस्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस प्रतियोगिता में भाग लिया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के दौरान उनके द्वारा प्रस्तुत प्रोजेक्ट और बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए निर्णायक मंडल ने उन्हें नवंबर के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित राज्यस्तरीय परियोजना संवर्द्धन कार्यक्रम के लिए भी चयनित किया है।
विद्यालय परिवार और जिले में खुशी की लहर
छात्रा की इस शानदार उपलब्धि से अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू उच्च विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, परिजनों और पूरे जिले में हर्षोल्लास का माहौल है। विद्यालय परिवार का कहना है कि देवयानी की यह सफलता अन्य छात्र-छात्राओं के लिए भी विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने और कुछ नया करने की बड़ी प्रेरणा बनेगी।
वैज्ञानिक सोच और अनुसंधान को मिल रहा बढ़ावा
बाल विज्ञान कांग्रेस जैसे मंच स्कूली बच्चों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, समस्या-समाधान की क्षमता और अनुसंधान की प्रवृत्ति को विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। ग्रामीण और आवासीय विद्यालयों से निकलकर इस प्रकार के आयोजनों में छात्र-छात्राओं का चमकना यह साबित करता है कि बिहार के नौनिहालों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
संवर्द्धन कार्यक्रम को लेकर बढ़ी उम्मीदें
राज्यस्तरीय परियोजना संवर्द्धन कार्यक्रम के लिए चयनित होने के बाद अब देवयानी अपनी परियोजना को और अधिक उन्नत बनाने में जुट गई हैं। उनकी इस उपलब्धि को जिले और विद्यालय के लिए एक गौरवशाली विषय माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र के अन्य छात्रों का भी मनोबल ऊंचा हुआ है।