सिमराही में डिवाइडर बना 'काल': आधे घंटे के भीतर दो भीषण सड़क हादसे, बाल-बाल बची मासूम की जान
Supaul : जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सिमराही बाजार स्थित जेपी चौक के पास आज सोमवार की शाम डिवाइडर की खामियों के कारण दो अलग-अलग सड़क हादसे हुए। महज 30 मिनट के अंतराल पर दो वाहन एक ही क्षतिग्रस्त डिवाइडर से जा टकराए। गनीमत रही कि स्थानीय लोगों की तत्परता और समय रहते बचाव कार्य शुरू होने के कारण किसी की जान नहीं गई, हालांकि दोनों वाहनों में सवार लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
पहली घटना: अंधेरे के कारण डिवाइडर से टकराई कार
पहली दुर्घटना उस समय हुई जब फारबिसगंज की ओर से आ रही एक कार (BR 07 BG 3670) अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, डिवाइडर पर किसी भी प्रकार का संकेत चिह्न, रेडियम लाइट या रिफ्लेक्टर नहीं होने के कारण चालक को सड़क का विभाजन दिखाई नहीं दिया। टक्कर के बाद गाड़ी में सवार लोग सहम गए, जिन्हें ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाला।
दूसरी घटना: दो बार पलटकर एनएच पर उल्टी 'सरकारी' गाड़ी
पहली घटना के अभी 20 मिनट ही बीते थे कि बिहार सरकार का बोर्ड लगी एक अन्य गाड़ी (BR 24 AK 4171) उसी स्थान पर हादसे का शिकार हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाड़ी दो बार पलटते हुए सड़क पर उल्टी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गाड़ी में एक बच्चा सीटों के बीच फंस गया था, जिसे ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। बाद में लोगों ने मिलकर वाहन को सीधा किया।
एनएचएआई की लापरवाही पर भड़के लोग
इन हादसों के बाद स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों में एनएचएआई (NHAI) के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। वार्ड पार्षद प्रतिनिधि विनय कुमार ने बताया कि क्षतिग्रस्त डिवाइडर पर न तो पेंट किया गया है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है, जिससे रात के समय यह खतरनाक 'ब्लैक स्पॉट' बन गया है। लोगों का कहना है कि यहां लगभग हर दूसरे दिन छोटे-बड़े वाहन टकराते हैं, लेकिन विभाग कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है।
थानाध्यक्ष ने दिया कार्रवाई का भरोसा
हादसों की जानकारी मिलने के बाद राघोपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार राय ने बताया कि इस विषय को गंभीरता से लिया गया है और संबंधित विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही डिवाइडर की मरम्मत कर उस पर रेडियम लाइट और संकेतक नहीं लगाए गए, तो भविष्य में यहाँ किसी बड़े जानलेवा हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट