श्राद्ध के भोज पर खर्च के बजाय गांव को दी एम्बुलेंस, जाप के पूर्व जिलाध्यक्ष ने पेश की अनूठी मिसाल

श्राद्ध के भोज पर खर्च के बजाय गांव को दी एम्बुलेंस, जाप के
जाप के पूर्व जिलाध्यक्ष ने पेश की अनूठी मिसाल- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले के एकमा गांव में जन अधिकार पार्टी (जाप) के पूर्व जिलाध्यक्ष नंद कुमार चौधरी ने अपने पिता की स्मृति में एक ऐसी पहल की है, जिसकी पूरे इलाके में सराहना हो रही है। जहां पारंपरिक रूप से श्राद्ध कर्म के दौरान बड़े भोज और भारी खर्च की परंपरा रही है, वहीं नंद कुमार चौधरी ने इन फिजूलखर्चों से बचते हुए जनसेवा को प्राथमिकता दी। उन्होंने अपने पिता की याद में गांव और आसपास के लोगों की सुविधा के लिए एक एम्बुलेंस दान करने का फैसला लिया है।


नंद कुमार चौधरी ने बताया कि उनके पिता हमेशा समाज सेवा और जरूरतमंदों की मदद करने की प्रेरणा देते थे। पिता के निधन के बाद जब श्राद्ध कर्म की योजना बनी, तो परिवार ने तय किया कि लाखों रुपये भोज पर व्यय करने के स्थान पर कोई ऐसा कार्य किया जाए जिससे लंबे समय तक समाज का भला हो सके। इसी विचार के साथ गांव को एम्बुलेंस उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया, ताकि आपात स्थिति में किसी भी मरीज की जान समय पर अस्पताल पहुंचाकर बचाई जा सके।


ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गांवों में अक्सर समय पर एम्बुलेंस या वाहन न मिलने के कारण मरीजों की स्थिति गंभीर हो जाती है। सड़क दुर्घटना या अचानक तबीयत बिगड़ने पर लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब यह एम्बुलेंस एकमा और आसपास के दर्जनों गांवों के लिए जीवनरक्षक साबित होगी। उनके अनुसार, उनके पिता के लिए इससे बड़ी और सच्ची श्रद्धांजलि दूसरी कोई नहीं हो सकती।


नंद कुमार चौधरी ने समाज के अन्य लोगों से भी अपील की है कि वे सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में होने वाले अनावश्यक दिखावे और खर्च को कम करें। उन्होंने कहा कि यदि उस धन का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य या जनहित के कार्यों में किया जाए, तो समाज को वास्तविक लाभ मिलेगा। उनकी इस सोच ने न केवल उनके परिवार का मान बढ़ाया है, बल्कि सामाजिक सरोकारों के प्रति एक नई दिशा भी दिखाई है।


इस प्रेरणादायक पहल की गांव के बुजुर्गों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने खुलकर प्रशंसा की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह निर्णय समाज के लिए एक मिसाल है और यदि अन्य लोग भी इस तरह की सोच अपनाएं तो ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा। एम्बुलेंस सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने इस सकारात्मक बदलाव का स्वागत किया।


विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट