सुपौल में अवैध मुद्रा एक्सचेंज पर बड़ी कार्रवाई: किराना दुकान से लाखों की भारतीय और नेपाली करेंसी बरामद
Supaul : भारत-नेपाल सीमा पर स्थित भीमनगर थाना क्षेत्र के सहरसा चौक पर गुरुवार को प्रशासन ने अवैध विदेशी मुद्रा विनिमय (Foreign Exchange) के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी में एक किराना दुकान की आड़ में चल रहे अवैध मनी एक्सचेंज के धंधे का भंडाफोड़ हुआ है। प्रशासन ने मौके से भारी मात्रा में भारतीय और नेपाली मुद्रा बरामद की है, जिससे सीमावर्ती इलाकों में हड़कंप मच गया है।
एसडीएम और एसडीपीओ के नेतृत्व में छापेमारी
वीरपुर एसडीएम नीरज कुमार और एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने भीमनगर स्थित “चंदन ट्रेडर्स” पर अचानक धावा बोला। घंटों चली इस सघन तलाशी के दौरान अधिकारियों ने दुकान से 8 लाख 83 हजार 600 रुपये नेपाली मुद्रा और 13 लाख 65 हजार 50 रुपये भारतीय मुद्रा बरामद की। बरामद की गई इस बड़ी नकदी के संबंध में संचालक के पास कोई वैध लाइसेंस, हिसाब-किताब या आधिकारिक दस्तावेज मौजूद नहीं थे, जिसके बाद पूरी राशि को जब्त कर लिया गया।
एसएसबी और स्थानीय पुलिस का घेरा
छापेमारी की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कार्रवाई के दौरान एसएसबी 45वीं वाहिनी के जवानों के साथ-साथ भीमनगर और वीरपुर थाना की पुलिस भी मौके पर तैनात रही। हालांकि, छापेमारी के समय मुख्य दुकानदार चंदन कुमार मौके पर मौजूद नहीं था, जिसके बाद पुलिस ने वहां मौजूद उसके पिता सत्यदेव शाह उर्फ दर्पी शाह को हिरासत में ले लिया है और उनसे थाने में सघन पूछताछ की जा रही है।
सीमावर्ती व्यापार या अवैध नेटवर्क?
दुकान संचालक चंदन कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी दुकान पर किराना का थोक और खुदरा कारोबार होता है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण नेपाली ग्राहक अक्सर सामान खरीदकर अपनी मुद्रा में भुगतान कर देते हैं, जिसे स्थानीय लोग बाद में बदल लेते हैं। हालांकि, एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि बिना आरबीआई (RBI) के लाइसेंस के विदेशी मुद्रा का लेन-देन पूर्णतः गैरकानूनी है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इतनी बड़ी नकदी का स्रोत क्या है और इसके पीछे कोई बड़ा हवाला नेटवर्क तो नहीं है।
पुलिस टीम ने शुरू की विस्तृत जांच
प्रशासन ने दुकान से जुड़ी कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी जुटाई हैं। वीरपुर एसडीपीओ ने बताया कि बरामद राशि के उपयोग और इसके नेटवर्क की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के दायरे में कई अन्य लोग भी हैं जो इस अवैध कारोबार से जुड़े हो सकते हैं। सीमावर्ती इलाकों में बिना अनुमति इस तरह के लेन-देन से सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं, जिसके बाद आने वाले दिनों में अन्य दुकानों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
विनय कुमार मिश्र