बिहार को दो नए जंक्शन की सौगात: शुक्रवार को रेल बाइपास का 'CRS' निरीक्षण, बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार, बरसों पुराना सपना होगा पूरा!

सुपौल जिले के लिए शुक्रवार का दिन रेल विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने वाला है। सहरसा–दरभंगा रेलखंड के निर्मली–थरबिटिया सेक्शन में नवनिर्मित रेल बाइपास का कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) द्वारा अंतिम निरीक्षण किया जाएगा।

बिहार को दो नए जंक्शन की सौगात: शुक्रवार को रेल बाइपास का 'C

Supaul : सुपौल जिले के लिए शुक्रवार का दिन रेल विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने वाला है। सहरसा–दरभंगा रेलखंड के निर्मली–थरबिटिया सेक्शन में नवनिर्मित रेल बाइपास का कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) द्वारा अंतिम निरीक्षण किया जाएगा। करीब 4.2 किलोमीटर लंबी इस नई रेल लाइन के शुरू होने से जिले को 'न्यू झाझा' और 'बैजनाथपुर अंदौली' के रूप में दो नए जंक्शनों की सौगात मिल रही है।

4.2 किलोमीटर लंबा बाइपास और सुरक्षा जांच

निर्मली–थरबिटिया सेक्शन के अंतर्गत न्यू झाझा जंक्शन से बैजनाथपुर अंदौली जंक्शन तक बने इस 4.2 किलोमीटर लंबे रेल बाइपास का निरीक्षण सुरक्षा मानकों के आधार पर किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण मौके पर समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम (DRM) सहित रेलवे के तमाम वरीय अधिकारी मौजूद रहेंगे। रेलवे प्रशासन ने ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम और तकनीकी व्यवस्थाओं को पहले ही अंतिम रूप दे दिया है।

मालगाड़ी के ट्रायल से होगी ट्रैक की परख

निरीक्षण के दौरान सबसे पहले इस बाइपास लाइन पर मालगाड़ी का परिचालन कराकर ट्रैक की मजबूती और सुरक्षा की व्यावहारिक जांच की जाएगी। सीआरएस से हरी झंडी मिलने के तुरंत बाद मालगाड़ियों का नियमित संचालन शुरू हो जाएगा। इसके पश्चात, सहरसा–दरभंगा मार्ग पर चलने वाली लंबी दूरी की यात्री ट्रेनों के परिचालन का रास्ता भी साफ हो जाएगा।

स्थानीय व्यापार और रोजगार को मिलेगी नई ऊर्जा

इन दो नए जंक्शनों के शुरू होने से सुपौल जिले के विकास को नई दिशा मिलेगी। न्यू झाझा और बैजनाथपुर अंदौली जंक्शन के आसपास के गांवों के लिए यह परियोजना किसी वरदान से कम नहीं है। ट्रेनों के ठहराव और बेहतर रेल कनेक्टिविटी से स्थानीय लोगों को व्यापार, रोजगार और आवागमन की विश्वस्तरीय सुविधाएं प्राप्त होंगी।

Report - vinay  kumar mishra