सुपौल में आंगनबाड़ी केंद्र पर ग्रामीणों का हंगामा: सेविका पति पर केंद्र चलाने और बच्चों से मारपीट का आरोप

सुपौल में आंगनबाड़ी केंद्र पर ग्रामीणों का हंगामा: सेविका पत
सुपौल में आंगनबाड़ी केंद्र पर ग्रामीणों का हंगामा- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले के राघोपुर प्रखंड अंतर्गत मोतीपुर पंचायत के वार्ड संख्या चार (बेरदह हरिजन टोला) स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 52 पर शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सेविका और उनके पति की कार्यशैली से नाराज दर्जनों ग्रामीणों ने एकजुट होकर आंगनबाड़ी केंद्र पर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने केंद्र के संचालन में घोर अनियमितता बरतने और बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है।


सेविका के पति पर केंद्र चलाने और बच्चों को पीटने का आरोप

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण धनराज सादा, बुलट पासवान, सुखदेव सादा, अमित पासवान, रविंद्र पासवान, अमोलिया देवी, रजिया देवी, कमली देवी, सविता देवी और गुलाबी देवी समेत अन्य लोगों ने बताया कि केंद्र पर सेविका की जगह अक्सर उनके पति नवीन लाल दास ही मौजूद रहते हैं और वही केंद्र का संचालन करते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सेविका के पति केंद्र में आने वाले छोटे-छोटे बच्चों के साथ मारपीट और बदसलूकी करते हैं, जिससे बच्चों में खौफ का माहौल है।


प्रमाण पत्रों के नाम पर अवैध उगाही और पोशाक वापस लेने की शिकायत

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और वंशावली जैसे आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने के बदले लाभुकों से अवैध रूप से पैसों की मांग की जाती है। इतना ही नहीं, ग्रामीणों का यह भी कहना था कि सरकार द्वारा बच्चों को दी जाने वाली पोशाक सिर्फ फोटो खिंचवाने के समय पहनाई जाती है और फोटो खिंचने के तुरंत बाद वापस ले ली जाती है।


सेविका ने आरोपों को बताया बेबुनियाद, दी सफाई

दूसरी ओर, आंगनबाड़ी सेविका कविता देवी ने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से निराधार और बेबुनियाद बताया है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनके पति कभी-कभार ही कुछ समय के लिए केंद्र पर आते हैं, लेकिन केंद्र का पूरा संचालन वे स्वयं ही करती हैं। इसके अलावा उन्होंने लाभुकों से किसी भी तरह की राशि वसूलने या पोशाक वापस लेने के आरोपों से भी साफ इनकार किया है।


एसडीएम ने दिए जांच के आदेश, दोषी पाए जाने पर होगी कार्रवाई

मामला तूल पकड़ने के बाद वीरपुर के अनुमंडल अधिकारी (SDO) विनय कुमार ने घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट