हाजीपुर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी पर गिरी गाज: ईओ से स्पष्टीकरण की मांग, आर्थिक अपराध मामले में आरोपी लेखापाल को हटाने का निर्देश
EOU की छापेमारी के बाद निलंबित किए गए हाजीपुर नगर परिषद के लेखापाल एवं प्रधान सहायक मनीष कुमार का निलंबन समाप्त कर उन्हें दोबारा उसी पद पर तैनात करने का मामला तूल पकड़ गया है। मामले को लेकर कार्यपालक पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है.....
Vaishali : हाजीपुर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की छापेमारी के बाद निलंबित किए गए लेखापाल एवं प्रधान सहायक मनीष कुमार का निलंबन समाप्त कर उन्हें दोबारा उसी पद पर तैनात करने का मामला तूल पकड़ गया है। तिरहुत प्रमंडल के कमिश्नर गिरिवर दयाल ने इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीरता से लिया है और हाजीपुर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी से इस संबंध में स्पष्टीकरण तलब किया है।
कमिश्नर ने तीन दिनों के भीतर मांगा जवाब, चार्जशीट गठित करने का आदेश
कमिश्नर ने कार्यपालक पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे तीन दिनों के अंदर अपना स्पष्टीकरण दें और साथ ही आरोपी लेखापाल मनीष कुमार को तत्काल उनके पद एवं दायित्व से मुक्त करें। इसके अलावा, कमिश्नर ने लेखापाल मनीष कुमार पर विधिवत आरोप पत्र (चार्जशीट) गठित करने का भी सख्त निर्देश जारी किया है। कमिश्नर द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि ईओयू की छापेमारी के बाद आरोपी को दोबारा उसी पद पर तैनात करना सरकार के निर्धारित नियमों के पूरी तरह विरुद्ध है।
क्या है पूरा मामला? (आय से अधिक संपत्ति और निलंबन वापसी)
बीते 16 जून को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने आरोपी लेखापाल मनीष कुमार के ठिकानों और नगर परिषद कार्यालय पर औचक छापेमारी की थी। मनीष पर उनकी आय से 200 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है, जिसके तहत छापेमारी के दौरान नकद राशि, कई बैंक खाते और बेनामी संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए गए थे। इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था।
हालांकि, 90 दिनों के भीतर ईओयू द्वारा चार्जशीट दाखिल नहीं किए जाने का हवाला देकर 18 सितंबर को नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने उनका निलंबन समाप्त कर पुनः उसी पद पर पदस्थापित कर दिया था, जिसकी शिकायत तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त से की गई थी।
रिषभ की रिपोर्ट