चिराग का सियासी धमाका, CM रेस से खुद को बताया बाहर, ममता पर सीधे वार से बिहार से बंगाल तक गरमाई सियासत

Bihar Politics: बिहार की सियासत में एक बड़ा सियासी पैग़ाम सामने आया है, जहां केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर चल रही अटकलों पर साफ लफ़्ज़ों में अपनी पोज़िशन रख दी।...

Chirag Paswan
चिराग का सियासी धमाका- फोटो : reporter

Bihar Politics: बिहार की सियासत में  एक बड़ा सियासी पैग़ाम सामने आया है, जहां केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर चल रही अटकलों पर साफ लफ़्ज़ों में अपनी पोज़िशन रख दी। चिराग ने दो-टूक अंदाज़ में कहा कि वो ना तो सीएम की रेस में हैं और ना कभी इस दौड़ का हिस्सा बनना चाहते हैं, लेकिन उनकी तमन्ना है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी से ही हो। उन्होंने यह भी इशारा दिया कि एनडीए के अंदरूनी समीकरण लगभग तय हो चुके हैं और जल्द ही अगले सीएम के नाम का एलान हो सकता है।

चिराग पासवान का यह बयान सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने बंगाल की सियासत पर भी करारा हमला बोला। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने ‘तुष्टीकरण की राजनीति’ को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। चिराग ने आरोप लगाया कि बंगाल में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटनाएं आम होती जा रही हैं और इसे सरकार की नाकामी बताया। उन्होंने दावा किया कि बंगाल की अवाम अब इस सियासत से ऊब चुकी है और बहुत जल्द बदलाव का बिगुल बजने वाला है।

वहीं,बिहार की अंदरूनी राजनीति में भी चिराग ने विपक्ष पर तंज कसने में कोई कसर नहीं छोड़ी। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को घेरते हुए उन्होंने कहा कि चुनावी हार के बाद तेजस्वी जनता से कट गए हैं। चिराग ने यह भी आरोप लगाया कि तेजस्वी न मीडिया में सक्रिय हैं और ना ही अपनी पार्टी पर मजबूत पकड़ बनाए रख पा रहे हैं। उन्होंने तंजिया लहजे में कहा कि जो नेता अपने विधायकों को एकजुट नहीं रख सकता, वो राज्य की बागडोर कैसे संभालेगा।

इस सियासी बयानबाज़ी के बीच चिराग पासवान ने मानवीय पहलू भी दिखाया। वे वैशाली के सराय थाना क्षेत्र के अनवरपुर गांव पहुंचे, जहां शौचालय टंकी हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी। चिराग ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव मदद देगी चाहे वो आर्थिक सहायता हो, बच्चों की शिक्षा या रोजगार के अवसर।वैशाली से निकला यह सियासी संदेश अब बिहार से लेकर बंगाल तक सियासत का पारा चढ़ा रहा है।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार