Bihar Education News: शिक्षा के नाम पर घोटाले का खेल, BSCC योजना में करोड़ों की हेराफेरी, वैशाली के 3 कॉलेजों पर गिरी गाज

Bihar Education News: बिहार में शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक बहस के केंद्र में आ गई है।

Education Scam BSCC Fraud Hits 3 Vaishali Colleges
वैशाली के 3 कॉलेजों पर गिरी गाज- फोटो : reporter

Bihar Education News: बिहार में शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक बहस के केंद्र में आ गई है। इस बार मामला बेहद संगीन है, जहां  बिहार छात्र क्रेडिट कार्ड योजना (बीएससीसी) के तहत करोड़ों रुपये के कथित दुरुपयोग का खुलासा हुआ है। वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित तीन कॉलेजों पर सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए उनके भुगतान पर रोक लगा दी है और मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

जिन कॉलेजों पर यह कार्रवाई हुई है, उनमें  उमेश मिश्रा रंजीत कुमार प्रकाश कॉलेज, इंदु देवी रंजीत कुमार प्रकाश प्रोफेशनल कॉलेज और डॉ. रंजीत कुमार प्रकाश कॉलेज शामिल हैं। इन संस्थानों पर आरोप है कि इन्होंने योजना का फायदा उठाकर सरकारी फंड का दुरुपयोग किया और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया।वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने मीडिया से बातचीत में साफ किया कि इन कॉलेजों में BSCC योजना का मिसयूज हो रहा था। जांच में यह सामने आया कि कागजों पर छात्रों का नामांकन दिखाकर फंड लिया जा रहा था, लेकिन हकीकत में न तो छात्र मौजूद थे और न ही पढ़ाई की कोई ठोस व्यवस्था।

जांच कमेटी, जो जिला उप विकास आयुक्त  की अगुवाई में गठित की गई थी, ने अपनी रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे किए। कॉलेजों में जिन कोर्सों को चलाने का दावा किया गया, उनके लिए न तो लैब में उपकरण थे और न ही पर्याप्त फैकल्टी। कई जगहों पर तो छात्र तक नहीं पाए गए, जबकि रिकॉर्ड में भारी संख्या में नामांकन दिखाया गया था।

सियासी मायने में यह मामला सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि शिक्षा के नाम पर संगठित माफिया तंत्र की ओर इशारा करता है। सरकार ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए न सिर्फ इन कॉलेजों के भुगतान पर रोक लगाई है, बल्कि उनकी मान्यता रद्द करने के लिए भी विभाग को सिफारिश भेज दी गई है।

इतना ही नहीं, पटना के आदया इंटरनेशनल कॉलेज और मुजफ्फरपुर के अर्पिता इंटरनेशनल कॉलेज भी अब जांच के दायरे में आ गए हैं। इससे साफ है कि यह मामला सिर्फ तीन कॉलेजों तक सीमित नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क की तरफ इशारा कर रहा है। अब सवाल यह है कि क्या सरकार इस ‘शिक्षा घोटाले’ की जड़ तक पहुंच पाएगी या फिर यह मामला भी सियासी बयानबाजी तक सिमट कर रह जाएगा। फिलहाल, प्रशासन की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दे दिया है शिक्षा के नाम पर धांधली अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार