वाल्मीकिनगर बराज से पानी छोड़े जाने के बाद लालगंज में गंडक नदी का तांडव, रिंग बांध में रिसाव से दहशत में ग्रामीण
गंडक के उफान से वैशाली जिले के लालगंज प्रखंड अंतर्गत खजौली समेत कई तटीय गांवों के निवासियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। तटीय इलाकों के लोग अनहोनी की आशंका में पूरी रात रतजगा करने को मजबूर हो गए हैं....
Vaishali : वाल्मीकिनगर बराज से करीब पांच लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंडक नदी का जलस्तर अचानक खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। जलस्तर में हुई इस बेतहाशा वृद्धि के कारण वैशाली जिले के लालगंज प्रखंड अंतर्गत खजौली, वृंदावन, पीड़ापूर समेत कई तटीय गांवों के निवासियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। गंडक नदी के विकराल रूप को देखते हुए तटीय इलाकों के लोग अनहोनी की आशंका में पूरी रात रतजगा करने को मजबूर हो गए हैं।
रिंग बांध में कई जगहों पर रिसाव से मचा हड़कंप, पीड़ितापुर में स्थिति अत्यंत चिंताजनक
सबसे अधिक चिंताजनक बात यह है कि गंडक नदी के तेज बहाव और पानी के भारी दबाव के कारण क्षेत्र के सुरक्षात्मक रिंग बांध में कई स्थानों पर रिसाव (सीपेज) शुरू हो गया है। रिसाव की सूचना फैलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल कायम हो गया। विशेषकर पीड़ापूर के वार्ड नंबर 5 में बांध की स्थिति बेहद नाजुक बताई जा रही है, जहां पहले से ही कमजोर बांध में लगातार हो रहे रिसाव से ग्रामीण सहमे हुए हैं।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे BDO और CO, राहत एवं बचाव कार्य में जुटा प्रशासन
बांध में रिसाव की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि तुरंत एक्शन में आ गए। लालगंज प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सुजीत कुमार और अंचल अधिकारी (सीओ) विश्वजीत कुमार समेत कई प्रशासनिक अधिकारी पुलिस बल के साथ प्रभावित और संवेदनशील स्थलों पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर कैंप करते हुए स्थिति का जायजा लिया और तुरंत राहत तथा मरम्मत कार्य शुरू कराया।
मिट्टी और बालू के बोरों से रिसाव रोकने की कोशिश, संवेदनशील स्थलों की हो रही निगरानी
प्रशासनिक टीम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से बांध में हो रहे रिसाव को प्लग करने और तटबंध को मजबूत बनाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। जिन-जिन स्थानों से पानी का रिसाव हो रहा है, वहां मिट्टी और बालू से भरे बोरे डालकर कटाव व रिसाव को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रशासन की विशेष टीम संवेदनशील जगहों पर चौबीसों घंटे निगरानी बनाए हुए है ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।
सैकड़ों घरों में घुसा बाढ़ का पानी, ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हुए लोग
गंडक नदी के उफान के कारण निचले इलाकों में रहने वाली एक बड़ी आबादी एक बार फिर बाढ़ की विभीषिका झेलने को मजबूर हो गई है। देखते ही देखते सैकड़ों घरों में पानी प्रवेश कर गया है, जिससे लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बेघर हुए ग्रामीण अपने माल-मवेशी और जरूरी सामान के साथ ऊंचे स्थानों व तटबंधों पर शरण लिए हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गंडक का जलस्तर और बढ़ता है, तो स्थिति बेकाबू हो सकती है।
रिषभ की रिपोर्ट