जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा का बड़ा बयान: बिहार में राजनीति के लिए JDU का साथ जरुरी, 100 वर्षों तक याद रखा जाएगा नीतीश कुमार का काम

जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि बिहार में राजनीति के किसी भी दल को जदयू का साथ जरुरी है। बिहार की सभी राजनीतिक पार्टियों में जदयू हमेशा '20' ही साबित हुई है, किसी से भी '19' नहीं रही है.....

जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा का बड़ा बयान: बि
जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा का बड़ा बयान- फोटो : रिषभ कुमार

Vaishali : फरक्का जल संधि (Farakka Water Treaty) के मुद्दे पर हाजीपुर के हिलालपुर में आयोजित जनता दल यूनाइटेड (JDU) के 'नीतीश संवाद' कार्यक्रम में पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद संजय कुमार झा ने एक बड़ा और सियासी बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिहार में यदि किसी भी दल को राजनीति करनी है, तो उसे जदयू के आसपास ही रहना होगा। उन्होंने कहा कि बिहार की सभी राजनीतिक पार्टियों में जदयू हमेशा '20' ही साबित हुई है, किसी से भी '19' नहीं रही है।


'100 वर्षों तक याद रखा जाएगा नीतीश कुमार का काम' 

संजय झा ने पूर्व मुख्यमंत्री व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के शासनकाल और विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि अगले 100 वर्षों तक बिहार में नीतीश कुमार का नाम और उनका काम याद रखा जाएगा। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर नीतीश कुमार की दूरदर्शी नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।


निशांत कुमार के नेतृत्व में आगे काम करने का संदेश 

कार्यक्रम के दौरान संजय झा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अब हमारे नेता निशांत हैं और उन्हीं के नेतृत्व में हमें आगे काम करना है। इस बयान के बाद जदयू के अंदरूनी नेतृत्व और भविष्य की भावी योजनाओं को लेकर कयासों का बाजार गर्म हो गया है।


1996 की फरक्का जल संधि पर लालू यादव पर सीधा निशाना 

फरक्का जल संधि को लेकर संजय झा ने राजद (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 1996 में जब भारत और बांग्लादेश के बीच 30 वर्षों के लिए यह जल समझौता हुआ था, तब बिहार के मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव थे। उनके कार्यकाल में बिहार के जल हितों के साथ इतना बड़ा समझौता और अन्याय हुआ, लेकिन उन्होंने इसका कड़ा विरोध नहीं किया। संजय झा ने कहा कि इस संधि की वजह से बिहार को भारी मात्रा में गाद (Silt) और बाढ़ की समस्या झेलनी पड़ रही है।


एनडीए सहयोगियों को दिया 'बड़े भाई' होने का स्पष्ट संकेत 

'नीतीश संवाद' कार्यक्रम के माध्यम से जदयू ने जहां एक ओर भावी पीढ़ी और सांगठनिक नेतृत्व के संकेत दिए हैं, वहीं एनडीए (NDA) के अपने घटक दलों को भी यह साफ संदेश देने का प्रयास किया है कि बिहार की राजनीति का केंद्र और सर्वमान्य 'बड़ा भाई' जदयू ही था और रहेगा। इस बयान के बाद एनडीए गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों और विपक्षी खेमे से प्रतिक्रियाएं आना तय माना जा रहा है।


रिषभ की रिपोर्ट