वैशाली में रफ्तार का कहर: ओवरलोड ट्रैक्टर ने व्यक्ति को कुचला, मौत के बाद सड़क जाम कर भारी हंगामा
बिहार में रफ्तार का कहर थमने का नाम नही ले रहा। आए दिन प्रदेश के किसी न किसी इलाके में तेज रफ्तार का कारण लोगों की मौत की खबर आम बात हो गई है। ताजा मामला वैशाली से सामने आया है....
Vaishali : जिले के लालगंज थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पोझिया चौक के पास एक अनियंत्रित और ओवरलोड गिट्टी लदे ट्रैक्टर ने एक व्यक्ति को रौंद दिया। इस दर्दनाक हादसे में व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान अकबरपुर गांव निवासी अशोक राय के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्का जाम
हादसे से नाराज ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हाजीपुर-लालगंज मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क पर उतरकर लोगों ने जमकर हंगामा किया, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। यातायात ठप होने के कारण यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी के कारण आए दिन ऐसे हादसे हो रहे हैं।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल
मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर बेखौफ होकर ओवरलोड वाहनों का परिचालन होता है, लेकिन पुलिस और संबंधित विभाग मूकदर्शक बने रहते हैं। लोगों ने कड़े लहजे में कहा कि यदि समय रहते ओवरलोड और अनियंत्रित गति से चलने वाले वाहनों पर नकेल कसी गई होती, तो आज अशोक राय की जान नहीं जाती।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही लालगंज थाने की पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझाने-बुझाने का काफी प्रयास किया और आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने मामले की प्राथमिकी दर्ज कर फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश शुरू कर दी है।
इलाके में तनाव, प्रशासन अलर्ट
फिलहाल पोझिया चौक और आसपास के इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है। पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है ताकि दोबारा कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े। इस घटना ने एक बार फिर ओवरलोडिंग के खिलाफ चलाए जाने वाले अभियानों की पोल खोल दी है। अब देखना यह है कि प्रशासन भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।
रिषभ की रिपोर्ट