वैशाली नाव हादसा: एक ही परिवार के सात बच्चों समेत 13 की मौत से उजड़ा गांव, प्रशासन ने परिजनों को सौंपे शव, नम आंख से अंतिम संस्कार की तैयारी

Vaishali Boat Tragedy: वैशाली के राघोपुर में हुए दर्दनाक नाव हादसे ने रामपुर श्यामचंद गांव को गहरे मातम में डुबो दिया है। ...

Vaishali Boat Tragedy
नम आंख से अंतिम संस्कार की तैयारी- फोटो : reporter

Vaishali Boat Tragedy: वैशाली के राघोपुर में हुए दर्दनाक नाव हादसे ने रामपुर श्यामचंद गांव को गहरे मातम में डुबो दिया है। हादसे में जान गंवाने वाले सभी बच्चों के शव आज सुबह प्रशासन ने उनके परिजनों को सौंप दिए। इसके बाद परिवार के लोग गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए। गांव की गलियों से लेकर पीड़ित परिवारों के घरों तक चीख-पुकार और मातम का माहौल है। जिन घरों में बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब अपनों को खोने का असहनीय दर्द पसरा है।

सुबह-सुबह परिजनों को सौंपे गए शव, मिली आर्थिक सहायता

हादसे के बाद प्रशासन ने सुबह मृत बच्चों के परिजनों को शव सौंपने की प्रक्रिया पूरी की। इसके साथ ही पीड़ित परिवारों को चार-चार लाख रुपये के चेक दिए गए। कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत तीन-तीन हजार रुपये की सहायता राशि भी प्रदान की गई। आर्थिक मदद मिलने के बाद परिजन अपने बच्चों के शव लेकर घर लौटे, जहां अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई।हालांकि, सरकारी सहायता के बावजूद परिवारों का दर्द कम होता नहीं दिख रहा है। जिन माता-पिता ने अपने बच्चों के भविष्य के सपने देखे थे, उन्हें अब अपने ही हाथों से बच्चों को अंतिम विदाई देनी पड़ रही है।

तीन घरों के 13 बच्चों की मौत, एक ही परिवार से थे सभी

राघोपुर प्रखंड के रामपुर श्यामचंद गांव में इस हादसे ने तीन घरों को उजाड़ दिया। मिली जानकारी के मुताबिक, रामप्रवेश राय के परिवार के सात, राजकिशोर राय के परिवार के पांच और डोमन राय के घर की एक बच्ची की मौत हुई है। इस तरह कुल 13 बच्चों की जान चली गई।

इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृत बच्चे आपस में रिश्तेदार थे। बताया जा रहा है कि तीनों परिवार गोतिया हैं और जिस परिवार में श्राद्ध कर्म का भोज आयोजित किया गया था, उससे भी उनका पारिवारिक रिश्ता था। एक साथ इतने बच्चों की मौत ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है।

श्राद्ध का भोज खाने निकले थे बच्चे

जानकारी के अनुसार, सिदाहिन राय की दिव्यांग बेटी की मौत के बाद उसके श्राद्ध कर्म का भोज आयोजित किया गया था। इसी भोज में शामिल होने के लिए बच्चे नाव से जा रहे थे। इसी दौरान नाव हादसे का शिकार हो गई और खुशियों की जगह मातम छा गया।

बताया जा रहा है कि मृतकों में दो बच्चियों की उम्र करीब 18 साल थी, जबकि बाकी बच्चे 15 साल से कम उम्र के थे। मृतकों में लड़कियों की संख्या भी अधिक बताई जा रही है।रामपुर श्यामचंद में हर तरफ गम का माहौल है। एक ही परिवार के इतने बच्चों की असमय मौत ने कई घरों की खुशियां छीन ली हैं। गांव के लोग पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं, लेकिन इस गहरे जख्म के सामने हर शब्द छोटा पड़ रहा है।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार