रेलिंग तोड़ गंगा में समाया ट्रैक्टर: पीपा पुल पर अनियंत्रित होकर नदी में गिरा ट्रैक्टर,चालक ने गंवाई जान

वैशाली में जिमदारी घाट पीपा पुल पर दर्दनाक हादसा हुआ, जहां ट्रैक्टर गंगा नदी में गिर गया. बाइक सवार को बचाते हुए ड्राइवर चालक ने नियंत्रण खो दिया और ट्रक नदी में जा रही, जिससे डूबने से उसकी मौत हो गई.

रेलिंग तोड़ गंगा में समाया ट्रैक्टर: पीपा पुल पर अनियंत्रित
रेलिंग तोड़ गंगा में समाया ट्रैक्टर- फोटो : news 4 nation

बिहार के वैशाली जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र स्थित जिमदारी घाट पीपा पुल पर एक भीषण हादसा सामने आया है। ईंटों से लदा एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए सीधे गंगा नदी में जा गिरा। इस दर्दनाक दुर्घटना में ट्रैक्टर चालक की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल ने मौके पर पहुँचकर राहत कार्य शुरू किया।

बाइक सवार को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर ईंटें लादकर गाजीपुर से चकौसन बाजार होते हुए राघोपुर दियारा की ओर जा रहा था। जैसे ही ट्रैक्टर पीपा पुल के एप्रोच रोड से नीचे उतर रहा था, तभी सामने से एक बाइक सवार आ गया। बाइक सवार को बचाने की कोशिश में चालक ने तेजी से स्टयरिंग मोड़ा, जिससे वह संतुलन खो बैठा। भारी वजन के कारण ट्रैक्टर पीपा पुल की सुरक्षा रेलिंग को तोड़ते हुए गहरे पानी में समा गया।

5 घंटे के रेस्क्यू के बाद निकाला गया शव

हादसे की जानकारी मिलते ही बिदुपुर थाना पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम मौके पर पहुँची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर चालक का शव नदी से बाहर निकाला जा सका। मृतक की पहचान देसरी थाना क्षेत्र के गाजीपुर निवासी होरील सहनी (पिता: स्वर्गीय अनिरुद्ध साहनी) के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भेज दिया है।

एप्रोच रोड बना 'डेथ जोन', सुरक्षा पर सवाल

स्थानीय ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। लोगों का आरोप है कि पीपा पुल का एप्रोच रोड काफी ऊँचा और खतरनाक ढंग से बनाया गया है, जहाँ पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं। पर्याप्त सुरक्षा घेरा और संकेतक न होने के कारण यहाँ आए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते रहते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस खतरनाक मार्ग को दुरुस्त करने और पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।

परिवार का एकमात्र सहारा था होरील

मृतक के चचेरे भाई पंकज कुमार ने बताया कि होरील सहनी अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसकी असामयिक मृत्यु से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर के इकलौते कमाऊ सदस्य को खोने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल पुलिस मामले की कानूनी जांच कर रही है और ट्रैक्टर को नदी से बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है।