vegetable price hike: त्योहार से पहले सब्जियों के दाम बढ़े, प्याज-टमाटर-आलू समेत जानें ताजा रेट

vegetable price hike: दिल्ली में त्योहारी सीजन से पहले सब्जियों की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। जानिए प्याज, टमाटर, आलू, अदरक, बीन्स और फूलगोभी के ताजा मंडी और खुदरा भाव।

vegetable price hike

vegetable price hike: त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले दिल्ली के बाजारों में सब्जियों की कीमतों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। कई सब्जियों के दाम में तेजी देखी जा रही है और इसका असर घर के महीने के बजट पर पड़ रहा है। हालांकि, अलग-अलग मंडियों और दुकानों में कीमतों में अंतर है। 23 सितंबर के आजादपुर मंडी के उपलब्ध आंकड़ों में भी प्याज, अदरक, बीन्स और फूलगोभी जैसी कई सब्जियों के भाव में अंतर साफ दिखाई देता है।


प्याज और टमाटर के भाव पर नजर


दिल्ली की आजादपुर मंडी में 22 सितंबर के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक प्याज का मंडी भाव करीब 20 से 45 रुपये किलो, जबकि टमाटर 10 से 30 रुपये किलो के बीच रहा। मंडी के बाद ट्रांसपोर्ट, छंटाई और दुकानदार का मार्जिन जुड़ने से खुदरा बाजार में यही सामान अधिक कीमत पर मिल सकता है। एक अन्य दिल्ली बाजार ट्रैकर के 23 सितंबर के आंकड़ों में बड़े प्याज का खुदरा भाव करीब 69 से 82 रुपये और छोटे प्याज का 86 से 101 रुपये किलो तक बताया गया है। इससे साफ है कि मंडी और खुदरा कीमतों में काफी अंतर हो सकता है।


अदरक और हरी सब्जियों के दाम भी बढ़े


अदरक की कीमत भी सामान्य सब्जियों के मुकाबले काफी ऊंची बनी हुई है। आजादपुर मंडी के आंकड़ों में अदरक का भाव 56 से 155 रुपये किलो तक दर्ज किया गया। बीन्स, शिमला मिर्च, भिंडी, खीरा और दूसरी हरी सब्जियों के दाम भी किस्म और आवक के हिसाब से अलग-अलग हैं। 22 सितंबर के देशभर के मंडी आंकड़ों के अनुमान में भी अदरक करीब 150 रुपये, लहसुन 200 रुपये, बीन्स 94 रुपये और हरी मिर्च करीब 52 रुपये किलो के स्तर पर दर्ज हुई थी। ये आंकड़े मंडी आधारित हैं, इसलिए इन्हें हर शहर के खुदरा बाजार का तय भाव नहीं माना जा सकता।


फूलगोभी, बीन्स और नींबू के भाव


आजादपुर मंडी में 22 सितंबर को बीन्स का भाव 20 से 35 रुपये, फूलगोभी 15 से 45 रुपये, खीरा 10 से 35 रुपये और नींबू 20 से 100 रुपये किलो के बीच दर्ज हुआ। पालक का मंडी भाव 20 से 35 रुपये और हरी शिमला मिर्च 20 से 45 रुपये किलो रही। खुदरा बाजार में पहुंचने के बाद इन कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसकी वजह माल ढुलाई, खराब होने वाली सब्जियों का नुकसान और दुकानदारों का खर्च भी होता है।


बारिश और सप्लाई का असर


सब्जियों की कीमतों पर मौसम और सप्लाई का सीधा असर पड़ता है। ज्यादा बारिश होने पर खेतों से मंडियों तक सब्जियां पहुंचने में परेशानी हो सकती है। साथ ही फसल को नुकसान होने पर मंडियों में आवक घट सकती है, जिससे कुछ सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं। हालांकि, अभी हर सब्जी के दाम एक जैसी तेजी नहीं दिखा रहे हैं। उपलब्ध दिल्ली आंकड़ों में आलू और टमाटर की कीमतें अलग-अलग इलाकों में काफी कम भी दर्ज हुई हैं। इसलिए पूरे दिल्ली बाजार में सभी सब्जियों के दाम 40 से 50 प्रतिशत बढ़ने का दावा हर सब्जी पर लागू नहीं माना जा सकता।


त्योहारी मांग से आगे क्या होगा?


आने वाले दिनों में त्योहारों के कारण सब्जियों और फलों की मांग बढ़ सकती है। अगर उसी समय मंडियों में आवक कम रही तो कुछ सामान के दाम और ऊपर जा सकते हैं। दूसरी ओर, नई फसल की आवक बढ़ने पर कीमतों में राहत भी मिल सकती है। इस समय उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती खुदरा और मंडी कीमतों के बीच का अंतर है। एक ही सब्जी अलग-अलग इलाकों में अलग भाव पर मिल सकती है। इसलिए खरीदारी से पहले आसपास की दुकानों और स्थानीय मंडी के भाव की तुलना करना उपयोगी रहेगा।