Gold-Silver Rate: भारत में गोल्ड-सिल्वर कीमतें लुढ़कीं, निवेशकों की बढ़ी चिंता, बाजार पर दिखा PM मोदी की अपील का असर
Gold-Silver Rate: भारत में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। पीएम मोदी की सोना न खरीदने की अपील का बाजार पर असर दिखने लगा है।
Gold-Silver Rate: पिछले हफ्ते भारत में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम पहले काफी नीचे गए, लेकिन सप्ताह के आखिर में उनमें फिर तेजी आई। हालांकि आज 11 मई 2026 को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली, मुंबई समेत कई बड़े शहरों में सोना सस्ता हुआ है।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अपील भी चर्चा में है। रविवार को हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने लोगों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही। उन्होंने पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करने, गैर जरूरी विदेश यात्राएं टालने, खाने के तेल की खपत कम करने और एक साल तक सोना नहीं खरीदने की सलाह दी। सरकार का मानना है कि मौजूदा वैश्विक हालात, खासकर मिडिल ईस्ट में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण देश पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में सोने का आयात कम करने से विदेशी मुद्रा की बचत हो सकती है।
चांदी की औसत कीमत
आज भारत में चांदी की औसत कीमत लगभग 2 लाख 74 हजार 900 रुपये प्रति किलो है। यह कीमत कल के मुकाबले करीब 100 रुपये कम है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे शहरों में चांदी 2 लाख 74 हजार 900 रुपये प्रति किलो बिक रही है। वहीं चेन्नई और हैदराबाद में चांदी की कीमत 2 लाख 80 हजार रुपये प्रति किलो पर बनी हुई है।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश
विशेषज्ञों के मुताबिक भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है। ऐसे में जब प्रधानमंत्री लोगों से सोना कम खरीदने की अपील करते हैं, तो उसका असर सीधे बाजार की मांग पर पड़ता है। मांग कम होने की संभावना के कारण सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
कारोबारी अपने पास रखा सोना बेच रहे हैं
बाजार में यह भी चर्चा है कि अगर सोने की खरीदारी कम नहीं हुई तो सरकार आयात शुल्क बढ़ा सकती है। इस आशंका के चलते कई निवेशक और कारोबारी अपने पास रखा सोना बेच रहे हैं, जिससे कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। हाल के दिनों में सोना 1.5 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। ऐसे में कई निवेशक अब मुनाफावसूली कर रहे हैं और ऊंचे दाम पर खरीदार कम दिखाई दे रहे हैं।