बड़ी राहत: अब बिना एड्रेस प्रूफ मिलेगा 5KG गैस सिलेंडर, सिर्फ आधार या PAN दिखाकर तुरंत उठाएं फायदा; स्टूडेंट्स और प्रवासियों को मिली बड़ी छूट

केंद्र सरकार ने स्टूडेंट्स और प्रवासी मजदूरों के लिए गैस सिलेंडर के नियमों में बड़ी ढील दी है। अब मात्र एक फोटो आईडी दिखाकर 5 किलो वाला 'छोटू' सिलेंडर लिया जा सकेगा।

बड़ी राहत: अब बिना एड्रेस प्रूफ मिलेगा 5KG गैस सिलेंडर, सिर्

N4N Business -  पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक एनर्जी लॉजिस्टिक्स को प्रभावित किया है। इस स्थिति के मद्देनजर भारतीय सरकार ने देश के भीतर ईंधन की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। आपूर्ति श्रृंखला में संभावित बाधाओं को देखते हुए, सरकार ने विशेष रूप से छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाने का निर्णय लिया है ताकि कम आय वर्ग और प्रवासियों को ईंधन की कमी का सामना न करना पड़े।

छोटे सिलेंडरों की रिकॉर्ड बिक्री

सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि छोटे सिलेंडरों की मांग और उपलब्धता दोनों में भारी उछाल आया है। 23 मार्च 2026 से अब तक लगभग 6.6 लाख छोटे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। वितरण की गति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अकेले 4 अप्रैल को ही 90,000 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि सभी डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट्स पर स्टॉक की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति निरंतर जारी है।

प्रवासियों के लिए विशेष सहायता केंद्र

दूसरे शहरों में रह रहे प्रवासी मजदूरों और कामकाजियों की सुविधा के लिए सरकार ने HPCL (हिंदुस्तान पेट्रोलियम) के चुनिंदा आउटलेट्स पर 11 विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं। ये हेल्प डेस्क प्रवासियों को उनके नजदीकी डिस्ट्रीब्यूटर की सटीक जानकारी प्रदान करेंगे। इनका मुख्य उद्देश्य बिना किसी जटिल कागजी कार्रवाई या परेशानी के उपभोक्ताओं को सिलेंडर उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी दैनिक ऊर्जा जरूरतें बाधित न हों।

घरेलू गैस की मांग में ऐतिहासिक उछाल

देश में घरेलू गैस की मांग इस समय अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। आंकड़ों के अनुसार, एक ही दिन में 51 लाख से अधिक डोमेस्टिक सिलेंडरों की डिलीवरी की गई है, जो वितरण तंत्र की मजबूती को दर्शाता है। आपूर्ति की यह बड़ी मात्रा सरकार के उस दावे की पुष्टि करती है जिसमें कहा गया था कि संकट के बावजूद घरेलू मोर्चे पर सप्लाई चैन पूरी तरह सुरक्षित है।

डिजिटल बुकिंग का बढ़ा क्रेज

वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और गति लाने के लिए डिजिटल माध्यमों का बड़ा योगदान रहा है। वर्तमान में कुल गैस मांग का 95% हिस्सा ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से प्राप्त हो रहा है। इससे न केवल बुकिंग प्रक्रिया आसान हुई है, बल्कि सिलेंडरों की ट्रैकिंग और समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने में भी मदद मिली है। अधिकारियों का कहना है कि वे पूरे नेटवर्क की निगरानी कर रहे हैं और आने वाले हफ्तों में भी आपूर्ति सामान्य बनी रहेगी।