MBBS की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए सुनहरा मौका,बिहार में 450 से ज्यादा सीटें बढ़ीं, यहां खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज

Bihar MBBS Seats: बिहार में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है।...

Bihar Expands MBBS Seats PMCH Gets 250 450 More Approved
मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी- फोटो : social Media

Bihar MBBS Seats: बिहार में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से राज्य में एमबीबीएस की 450 से अधिक नई सीटें जुड़ने की तैयारी है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग  के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड ने कई सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही नए मेडिकल कॉलेजों में भी इसी सत्र से पढ़ाई शुरू होने की संभावना है, जिससे राज्य के छात्रों को मेडिकल शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे।

सबसे बड़ी राहत पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल  को मिली है। एनएमसी ने 10 जुलाई 2026 को लेटर ऑफ परमिशन (LoP) जारी करते हुए यहां एमबीबीएस सीटों की संख्या 200 से बढ़ाकर 250 कर दी है। अब इस प्रतिष्ठित संस्थान में हर साल 250 छात्रों का नामांकन हो सकेगा। पीएमसीएच बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BUHS) से संबद्ध है।बिहार में मेडिकल शिक्षा का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कई सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों का विस्तार होगा। पीएमसीएच, पटना में सीटें 200 से बढ़कर 250, जेएलएनएमसीएच, भागलपुर में 120 से 150 और कटिहार मेडिकल कॉलेज में 150 से 200 हो जाएंगी। वहीं महुआ और आरा में 100-100 सीटों वाले नए सरकारी मेडिकल कॉलेज शुरू होंगे। इसके अलावा महाबोधि मेडिकल कॉलेज और श्यामलाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज में 100-100 तथा विराट रामायण इंस्टीट्यूट में 50 एमबीबीएस सीटों के साथ मेडिकल शिक्षा का विस्तार होगा।

इन बढ़ी हुई सीटों का अंतिम विवरण बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षदद्वारा जारी होने वाले यूजी मैक काउंसलिंग सीट मैट्रिक्स में प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद प्रवेश प्रक्रिया की आधिकारिक तस्वीर स्पष्ट होगी।राज्य सरकार सिर्फ सीटें बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि मेडिकल शिक्षा का दायरा भी तेजी से बढ़ा रही है। महुआ और आरा में नए सरकारी मेडिकल कॉलेज शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। दोनों संस्थानों में 100-100 एमबीबीएस सीटों के साथ इसी शैक्षणिक सत्र से पढ़ाई शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा डीएमसीएच (दरभंगा), एसकेएमसीएच (मुजफ्फरपुर) और एएनएमसीएच (गया) सहित अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी सीट विस्तार की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

हालांकि सीटों में वृद्धि के साथ एक बड़ी चुनौती भी सामने आई है। एनएमसी की निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार, पीएमसीएच में आवश्यक 168 शिक्षकों के मुकाबले केवल 145 फैकल्टी ही उपलब्ध पाई गई। विशेष रूप से रेडियोडायग्नोसिस, ईएनटी और डर्मेटोलॉजी विभागों में वरिष्ठ शिक्षकों की कमी दर्ज की गई है। आयोग ने संस्थान को 90 दिनों के भीतर बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था मजबूत करने और फैकल्टी की कमी दूर करने का निर्देश दिया है। यदि निर्धारित समय में इन कमियों को दूर नहीं किया गया, तो बढ़ी हुई सीटों पर भविष्य में असर पड़ सकता है।इसके बावजूद मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में यह विस्तार बिहार के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे राज्य के हजारों मेडिकल अभ्यर्थियों को अपने ही प्रदेश में एमबीबीएस की पढ़ाई का बेहतर अवसर मिलेगा, जबकि भविष्य में डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

ब्यूरो रिपोर्ट