नशे के कारोबार पर नकेल कसने गई पुलिस पर हमला, छापेमारी के दौरान पुलिस पर पथराव, दो सिपाही लहूलुहान

Bihar Crime: शराब की गैरकानूनी बिक्री की पुख्ता सूचना पर दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने ऐसा हमला बोला कि खाकी को जान बचाकर पीछे हटना पड़ा। ...

aurangabad Police Attacked
नशे के कारोबार पर नकेल कसने गई पुलिस पर हमला- फोटो : social Media

Bihar Crime: शराब की गैरकानूनी बिक्री की पुख्ता सूचना पर दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने ऐसा हमला बोला कि खाकी को जान बचाकर पीछे हटना पड़ा। लाठी, ईंट और पत्थरों की बरसात में दो पुलिस जवान गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जबकि सरकारी गाड़ी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। औरंगाबाद जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र का नथुनी बीघा गांव शुक्रवार की देर शाम अचानक कानून बनाम कुनबा की जंग में तब्दील हो गया।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सब इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार के बयान पर मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एफआईआर के अनुसार 9 जनवरी की शाम प्रशिक्षु सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार, सिपाही अजीत आनंद, विकास कुमार, गृह रक्षक चंचला कुमारी, गृह रक्षक राजेश कुमार और स्थानीय चौकीदार अरविंद कुमार के साथ नथुनी बीघा गांव में छापेमारी के लिए पहुंचे थे। सूचना थी कि गांव के सुरेंद्र राम अपने घर से शराब की खुलेआम बिक्री कर रहा है।

जैसे ही पुलिस टीम सुरेंद्र राम के घर पहुंची और दरवाजा खोलने को कहा, आठ-नौ लोग नशे की हालत में बाहर निकले और गाली-गलौज शुरू कर दी। माहौल बिगड़ते देर नहीं लगी। आरोप है कि शोर मचाते हुए ‘चोर-चोर’ का हल्ला किया गया और इसी दौरान सुरेंद्र राम ने लाठी से सिपाही अजीत आनंद के सिर पर वार कर दिया, जिससे वह मौके पर गिर पड़े। पुलिस टीम घायल सिपाही को लेकर हटने लगी तो भीड़ ने पीछा कर हमला तेज कर दिया।

हमलावरों में सुरेंद्र राम, उसका बेटा पिंटू राम, उसकी पत्नी, भाई समेत शिव राम, अशोक राम, गणेश राम, सतीश कुमार, धनंजय राम सहित अन्य लोग शामिल बताए गए हैं। ईंट-पत्थरों की बारिश में सरकारी वाहन के आगे, दाहिने और बाएं शीशे चकनाचूर हो गए। इस दौरान गृहरक्षक प्रमोद कुमार सिंह के सिर में भी गंभीर चोट आई।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिनमें बभिक्षन राम, सुरेंद्र राम, रंजन कुमार, रंजीत कुमार, अरविंद राम, राहुल कुमार, रोहित कुमार, अजय राम, अशोक राम, अरुण राम, पप्पू कुमार, रामसुंदर राम, सरिका राम और शांति देवी शामिल हैं।

हालांकि, दूसरी तरफ ग्रामीणों ने पलटवार करते हुए पुलिस पर मारपीट, घरों में घुसकर तोड़फोड़ और बेगुनाहों को पीटने का आरोप लगाया है। मुफस्सिल थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने इन आरोपों से साफ इंकार करते हुए कहा कि पुलिस वैध सूचना पर कार्रवाई कर रही थी और हमला पूरी तरह सुनियोजित था। अब नथुनी बीघा में खामोशी है, लेकिन तनाव की चिंगारी अब भी सुलग रही है।