Bihar Crime:मंदिर में छिपा था बांग्लादेशी परिवार, बिना वीजा भारत में डाला डेरा, पुलिस ने खोला राज, पूजा की आड़ में हुआ था सरहद पार

Bihar Crime: मंदिर की घंटियों और पूजा-अर्चना के बीच ऐसा राज दफ्न था, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए।...

Bangladeshi Family Found Hiding in Temple Held Over Visa Vio
मंदिर में छिपा था बांग्लादेशी परिवार- फोटो : reporter

Bihar Crime: कभी-कभी खामोशी भी बड़े राज़ छिपाए बैठी होती है। मंदिर की घंटियों और पूजा-अर्चना के बीच ऐसा राज दफ्न था, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए। बांका जिले के जमदाहा स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में सेवा-भक्ति के नाम पर रह रहा एक दंपती आखिरकार पुलिस की नजरों से बच नहीं सका। जांच हुई तो पता चला कि यह परिवार पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश से बिना वैध वीजा और दस्तावेजों के भारत में दाखिल हुआ था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दंपती को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में बांका जेल भेज दिया।

पूरा मामला जमदाहा ओपी क्षेत्र के राधा-कृष्ण मंदिर का है। मंदिर के संचालक विजय राय ने पुलिस को सूचना दी कि एक दंपती अपने दो मासूम बच्चों के साथ वृंदावन से यहां पहुंचा है और मंदिर में रहकर सेवा-पूजा करना चाहता है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ शुरू की। बातचीत के दौरान पुरुष ने अपना नाम मिल्टन हल्दर और महिला ने झुमारानी दास बताया। दोनों ने खुद को बांग्लादेश का नागरिक स्वीकार किया।

जब पुलिस ने भारत में रहने के वैध दस्तावेज मांगे तो तस्वीर पूरी तरह बदल गई। दंपती के पास न कोई वैध वीजा था और न ही भारत में प्रवेश का कोई कानूनी प्रमाण। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर कथित अत्याचार और परिवार के अन्य सदस्यों के लापता होने के बाद उन्होंने बच्चों के साथ भारत आने का फैसला किया। उनका दावा है कि करीब ढाई महीने पहले एक दलाल को 20 हजार रुपये देकर अवैध तरीके से सीमा पार कर भारत में दाखिल हुए थे।

दंपती ने बताया कि पहले वे पश्चिम बंगाल पहुंचे, लेकिन पहचान उजागर होने और जांच की आशंका के चलते वहां से वृंदावन चले गए। वहां कुछ समय तक धार्मिक सेवा से जुड़े रहने के बाद वे बांका के जमदाहा स्थित मंदिर पहुंच गए और यहीं डेरा जमा लिया। लेकिन कानून की नजर आखिरकार उन तक पहुंच ही गई।

तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके कमरे से कपड़ों के अलावा एक बिना सिम कार्ड वाला मोबाइल फोन बरामद किया। महिला के पास बांग्लादेश के राष्ट्रीय पहचान पत्र की फोटो कॉपी मिली, जबकि पुरुष ने अपने मोबाइल में पासपोर्ट की तस्वीर दिखाई। पुलिस ने सभी बरामद दस्तावेज और सामान जब्त कर लिया।

पुलिस ने बिना वैध दस्तावेजों के भारत में प्रवेश और निवास करने के आरोप में दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं दोनों बच्चों के संबंध में भी नियमानुसार आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।फिलहाल यह मामला सिर्फ अवैध घुसपैठ तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, इसकी पड़ताल सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं। सरहद पार कर मंदिर तक पहुंचने की यह कहानी अब कई सवाल खड़े कर रही है, जिनके जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

रिपोर्ट- चंद्रशेखर भगत