Bihar Firing: दुर्गा मेला परिसर में फायरिंग से मची अफरा-तफरी, ग्रामीणों ने आरोपी को दबोचा, देसी कट्टा बरामद

Bihar Firing: बिहार के बेगूसराय जिले से एक दहलाने वाली वारदात सामने आई है।

Bihar Firing:  दुर्गा मेला परिसर में फायरिंग से मची अफरा-तफर

Bihar Firing: बिहार के बेगूसराय जिले से एक दहलाने वाली वारदात सामने आई है। नीमा चांदपुरा थाना क्षेत्र के चितरंजन चौक स्थित सार्वजनिक दुर्गा स्थान पर चल रहे मेले के दौरान अचानक गोली चलने से इलाके में भगदड़ और सनसनी फैल गई। गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद दिलेर ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए कथित तौर पर फायरिंग करने वाले युवक को दबोच लिया और उसकी जमकर खातिरदारी  करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया।

मेले की रौनक मातम और डर में तब्दील

महासमरोह और त्योहारों के इस पुरनूर माहौल में जहाँ हर तरफ जश्न का समां होना चाहिए था, वहीं चितरंजन चौक के दुर्गा स्थान परिसर में हुई इस फायरिंग की आवाज़ ने लोगों के दिलों में खौफ पैदा कर दिया। गोली की आवाज़ सुनते ही मेले में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के वास्ते इधर-उधर भागने लगे। हालांकि, भीड़ में मौजूद आक्रोशित अवाम ने हिम्मत दिखाते हुए हमलावर को भागने का मौका नहीं दिया और उसे घेर कर पकड़ लिया।प्रारंभिक तहकीकात के मुताबिक, पुलिस ने पकड़े गए युवक के पास से एक देसी कट्टा और पांच राउंड जिंदा गोलियां (कारतूस) बरामद की हैं। हालांकि, इस फायरिंग के पीछे की असल वजह क्या थी और क्या इस वाकये में किसी शख्स को गोली लगी है या नहीं, इस बारे में अभी तक कोई पुख्ता और तफसीली जानकारी सामने नहीं आ सकी है। पुलिस का कहना है कि तहकीकात मुकम्मल होने के बाद ही तमाम राज से पर्दा उठेगा।

मुख्य आरोपी की शिनाख्त और आधा दर्जन लोगों पर मुकदमा

पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी की पहचान नीमा चांदपुरा थाना क्षेत्र के ही रहने वाले वैद्यनाथ सिंह उर्फ बैजू सिंह के बेटे जीतन कुमार उर्फ जीतू के तौर पर हुई है। इस संगीन मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार युवक समेत लगभग आधा दर्जन नामजद और अन्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।नीमा चांदपुरा के थानाध्यक्ष  विवेक कुमार ने इस वाकये की तस्दीक करते हुए बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और मुख्य आरोपी को न्यायिक हिरासत  में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है कि इस वारदात के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा मेले तक हथियार कैसे पहुँचा।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे संगीन सवाल

सार्वजनिक मेलों और त्योहारों के मौकों पर प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के चौबंद दावे किए जाते हैं, लेकिन बेगूसराय की इस घटना ने उन तमाम दावों की पोल खोल दी है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतने बड़े सार्वजनिक आयोजन और भीड़भाड़ वाले इलाके में कोई शख्स अवैध हथियार लेकर कैसे दाखिल हो गया? क्या सुरक्षा के पुख्ता इंतजामात में कोई चूक हुई थी?फिलहाल, पुलिस इस पहलू पर भी बारीकी से तफ्तीश कर रही है ताकि मेले की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले बाकी मुल्जिमों को भी जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाया जा सके।

रिपोर्ट- अजय शास्त्री