Attack On Police: पुलिस को दौड़ा दौड़ा कर लोगों ने पीटा, लाठियों से महिला पुलिसकर्मियों को भी किया घायल, थानाध्यक्ष समेत 5 अफसर घायल, इलाके में तनाव

Attack On Police: बिहार में हमलावरों ने प्रशासनिक अधिकारियों को चारों तरफ से घेर लिया और लाठी, डंडे व अन्य हथियारों से जानलेवा हमला किया।

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लोगों ने थानाध्यक्ष समेत 5 अफसरों को किया घायल- फोटो : reporter

Attack On Police:उस वक्त कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन गया, जब जमीन विवाद की नापी कराने पहुंची प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने सुनियोजित ढंग से हमला बोल दिया। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विरोध देखते ही देखते हिंसक बगावत में तब्दील हो गया, जहां लाठी-डंडों की बरसात में कानून के रखवाले खुद जख्मी हो गए।घटना पश्चिम चंपारण जिले के लौरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत दुबौलिया गांव की है। 

इस हमले में लौरिया थानाध्यक्ष रमेश कुमार शर्मा, अंचलाधिकारी नितेश कुमार सेठ सहित कुल पांच लोग घायल हो गए। हमलावरों ने प्रशासनिक अधिकारियों को चारों तरफ से घेर लिया और लाठी, डंडे व अन्य हथियारों से जानलेवा हमला किया। हालात को और भयानक बनाते हुए उपद्रवियों ने गांव में स्थित एक झोपड़ी को आग के हवाले कर दिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत फैल गई।

मिली जानकारी के मुताबिक मामला वाद संख्या 109/2025-26 से जुड़ा है, जिसमें दुबौलिया गांव निवासी मनोज जयसवाल और वंशराज राम के बीच करीब दो एकड़ भूमि को लेकर लंबे समय से तनातनी चली आ रही है। इसी विवाद के निष्पादन के लिए एलआरडीसी (भूमि सुधार उप समाहर्ता) के आदेश पर प्रशासनिक टीम को भूमि मापी के लिए भेजा गया था। लेकिन जैसे ही टीम गांव पहुंची, एक पक्ष के लोगों ने इसका सख्त विरोध शुरू कर दिया, जो पल भर में हिंसा और आगजनी में बदल गया।

इस संबंध में लौरिया अंचलाधिकारी नितेश कुमार सेठ ने बताया कि हमलावरों ने प्रशासनिक अधिकारियों को घेरकर लाठी-डंडों से हमला किया और मौके पर मौजूद एक झोपड़ी में आग लगा दी। हालात बेकाबू होते देख प्रशासनिक टीम को मापी का कार्य अधूरा छोड़कर जान बचाकर लौटना पड़ा। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।

इससे पहले 17 दिसंबर को भी इसी विवादित जमीन की मापी के दौरान प्रशासन को विरोध का सामना करना पड़ा था, लेकिन तब हालात इतने संगीन नहीं हुए थे। बार-बार सरकारी काम में बाधा और अब खुलेआम हमला होने से प्रशासन सख्त रुख में नजर आ रहा है। गांव में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि हमले में शामिल आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और मामले में एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट- आशीष कुमार