Bihar Crime: भूमि विवाद में बही खून की नदी, किसान पर जानलेवा हमला, लाठी-डंडों से हुई हत्या

Bihar Crime: जमीन विवाद को लेकर अपराधियों ने किसान पर बेरहमी से हमला कर उसे अधमरा कर दिया।...

Bhagalpur Land Dispute Turns Deadly Farmer Killed
भूमि विवाद में बही खून की नदी- फोटो : reporter

Bihar Crime:जमीन विवाद को लेकर अपराधियों ने किसान रंजीत यादव पर बेरहमी से हमला कर उसे अधमरा कर दिया। नवगछिया जिले के परबत्ता थाना क्षेत्र के गैरैया गांव से एक सनसनीखेज और गंभीर घटना सामने आई है। जरंजीत यादव को पहले नवगछिया अनुमंडल अस्पताल, फिर भागलपुर मायागंज और अंततः पटना रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

घटना के समय रंजीत यादव अपने बहनोई अखिलेश यादव के साथ मकान निर्माण कार्य कर रहे थे। पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के बीच पिछले दो वर्षों से जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा था। मुख्य विवाद का कारण था चार फीट चौड़े रास्ते की मांग, जिसे रंजीत यादव के पक्ष ने अपनी पैतृक भूमि बताते हुए देने से मना कर दिया था। पहले भी इसी विवाद को लेकर मारपीट की घटनाएं हो चुकी थीं।

घटना के विवरण के अनुसार, काम समाप्त करने के बाद रंजीत और उनका बहनोई घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में आठ लोगों ने उन्हें घेर लिया और लाठी, डंडे व लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ हमला किया। इस हमले में रंजीत यादव के सिर में गंभीर चोटें लगीं और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े।

पुलिस अधीक्षक नवगछिया प्रेरणा कुमार ने बताया कि प्रारंभिक सूचना में गोली लगने की आशंका जताई गई थी, लेकिन चिकित्सकीय जांच में यह पुष्टि नहीं हुई। डॉक्टरों के अनुसार रंजीत यादव की मौत सीधे लाठी-डंडे से लगी गंभीर चोटों के कारण हुई है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने स्थल का निरीक्षण किया और एफएसएल टीम के माध्यम से साक्ष्य संकलन कराया। मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। पुलिस के अनुसार मृतक और आरोपी आपस में गोतिया हैं और घटना पूरी तरह से जमीन विवाद से जुड़ी हुई है।

इस मामले में सुरेश यादव, अमित यादव, सचिन यादव, विनीत यादव सहित कुल आठ लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। एसडीपीओ ओमप्रकाश कुमार ने स्पष्ट किया कि यह हिंसक घटना जमीन विवाद के कारण हुई है और पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

कुल मिलाकर, यह घटना न केवल नवगछिया बल्कि पूरे बिहार के लिए भूमि विवाद और जातीय संघर्ष से उत्पन्न हिंसा की गंभीर चेतावनी है, जहां इंसाफ़ पाने के लिए कानून की ताक़त को परखना अब और जरूरी हो गया है।

रिपोर्ट - अंजनी कुमार कश्यप