Bihar Crime: सत्ता के नशे में रफ्तार का कहर, लोजपा उपाध्यक्ष की थार ने मचाई तबाही, टक्कर मारकर गाड़ी लेकर फरार

Bihar Crime:सत्ता के नशे और बेलगाम रफ्तार का खतरनाक चेहरा सामने आया, जब लोजपा रामविलास के युवा जिला उपाध्यक्ष बताए जा रहे की महिंद्रा थार ने सड़क किनारे खड़े वाहनों को जोरदार टक्कर मार दी।...

Speeding SUV of LJP Vice President Wreaks Havoc
सत्ता के नशे में रफ्तार का कहर- फोटो : reporter

Bihar Crime:सत्ता के नशे और बेलगाम रफ्तार का खतरनाक चेहरा सामने आया, जब लोजपा रामविलास के युवा जिला उपाध्यक्ष बताए जा रहे पोली पासवान की महिंद्रा थार ने सड़क किनारे खड़े वाहनों को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में एक टाटा मैजिक, एक मोटरसाइकिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि सड़क किनारे बनी दीवार और गेट भी टूटकर गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस घटना में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

घटना भागलपुर के कहलगांव थाना क्षेत्र में बुधवार की रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि थार गाड़ी तेज रफ्तार और अनियंत्रित हालत में थी। अचानक टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सड़क किनारे खड़ी टाटा मैजिक उछलते हुए करीब 40 फीट दूर जाकर एक दीवार से टकरा गई, जिससे दीवार ढह गई। हादसे के बाद थार चालक मौके पर रुकने के बजाय गाड़ी की स्पीड और बढ़ाकर फरार हो गया।

टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के इलाके से सैकड़ों लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। लोगों में गुस्सा साफ झलक रहा था। स्थानीय नागरिकों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कुछ रसूखदार युवा सड़कों को रेस ट्रैक समझ बैठे हैं, जिससे आम लोगों का चलना भी मुश्किल हो गया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि अनियंत्रित वाहन चलाने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा क्यों न हो।

स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पोली पासवान पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उनका कहना है कि कभी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को धमकाने, तो कभी पत्रकारों पर दबाव बनाने जैसे आरोप सामने आते रहे हैं। यहां तक कि एक पुलिस पदाधिकारी के साथ मारपीट का मामला भी पहले सामने आ चुका है, हालांकि इन सभी मामलों में कानूनी प्रक्रिया क्या रही, इसकी पुष्टि जांच का विषय है।

घटना के बाद इलाके में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करेगा या फिर राजनीतिक रसूख के आगे कानून बेबस नजर आएगा। कहलगांव की जनता दबे स्वर में सवाल उठा रही है कि आखिर ऐसे विवादित छवि वाले व्यक्ति को पार्टी में अहम जिम्मेदारी क्यों दी गई।

फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस घटना को गंभीरता से लेकर कानून के मुताबिक कार्रवाई करता है या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार करता है।

रिपोर्ट- बालमुकुंद शर्मा