Bihar Police: हिरासत से गायब युवक केस में 6 पुलिसकर्मी गिरफ्तार, हाईकोर्ट की सख्ती के बाद खुला विभागीय अंधेरा

एक युवक की हिरासत के बाद रहस्यमय ढंग से गुमशुदगी के मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के दो एएसआई, तीन होमगार्ड जवान और एक सरकारी चालक समेत कुल छह वर्दीधारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। ...

Bhojpur 6 Cops Arrested
6 पुलिसकर्मी गिरफ्तार- फोटो : social Media

Bihar Police: बिहार के भोजपुर जिले में कानून के रखवालों पर ही कानून का शिकंजा कस गया है। एक युवक की हिरासत के बाद रहस्यमय ढंग से गुमशुदगी के मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के दो एएसआई, तीन होमगार्ड जवान और एक सरकारी चालक समेत कुल छह वर्दीधारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई पटना हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद हुई, जिसने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन से जवाब-तलब किया था।

पूरा मामला 13 अगस्त 2025 का है, जब बिहिया थाना क्षेत्र के धरहरा टोला में शराब बरामदगी की सूचना पर उत्पाद विभाग की टीम ने छापेमारी की थी। इसी दौरान गंज गांव निवासी सनोज कुमार को हिरासत में लिया गया था। लेकिन कुछ ही समय बाद विभाग ने दावा किया कि युवक हिरासत से “फरार” हो गया। यही दावा आगे चलकर पूरे मामले का सबसे बड़ा विवाद बन गया।परिजनों ने शुरुआत से ही इस कहानी पर सवाल खड़े कर दिए। उनका साफ कहना था कि जब युवक पुलिस की गिरफ्त में था तो वह अचानक कैसे गायब हो सकता है। मामला तब और संदिग्ध हो गया जब यह सामने आया कि सनोज कुमार का मोबाइल फोन भी उत्पाद विभाग के पास से बरामद हुआ था, लेकिन इसके बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला। मोबाइल लगातार बंद बताया गया और युवक का कोई अता-पता नहीं चला।

सबसे गंभीर बात यह रही कि जिस युवक के “फरार” होने की बात कही गई, उसके संबंध में उत्पाद विभाग ने न तो कोई प्राथमिकी दर्ज की और न ही कोई आधिकारिक कार्रवाई की रिपोर्ट दी। यही प्रशासनिक लापरवाही बाद में उनके खिलाफ भारी पड़ गई।

मामला जब पटना हाईकोर्ट पहुंचा तो अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए भोजपुर के डीएम और एसपी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज करते हुए विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू की और छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर हिरासत में लिए गए सनोज कुमार के साथ वास्तव में क्या हुआ—क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर इसके पीछे कोई गंभीर आपराधिक साजिश छिपी है।करीब 10 महीने बीत जाने के बाद भी सनोज कुमार का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे यह मामला अब भी एक रहस्य बना हुआ है और वर्दी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।