गोपालगंज की ADM राजेश्वरी पांडे पर SVU का शिकंजा, आय से अधिक संपत्ति मामले में चार ठिकानों पर छापेमारी

एसवीयू की टीम ने गोपालगंज समाहरणालय स्थित एडीएम कार्यालय, गोपालगंज में उनके आवास, रोहतास जिले के करगहर थाना क्षेत्र के ठोरसन गांव स्थित पैतृक मकान और पटना के रूपसपुर स्थित फ्लैट पर तलाशी ली।

ADM Rajeshwari Pandey Under SVU Scanner
ADM Rajeshwari Pandey Under SVU Scanner - फोटो : news4nation

Bihar News :  बिहार के गोपालगंज में तैनात अपर जिला दंडाधिकारी (ADM) राजेश्वरी पांडे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बड़ी कार्रवाई की है। एसवीयू ने मामला दर्ज करने के बाद शनिवार को उनके चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच के दौरान टीम को नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, जमीन-जायदाद के कागजात और महंगी वस्तुओं की खरीदारी से संबंधित बिल-वाउचर मिले हैं। एसवीयू की प्रारंभिक जांच में उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति होने का दावा किया गया है।


एसवीयू के मुताबिक, जांच में करीब 2.50 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का पता चला है। यह उनकी ज्ञात आय से लगभग 135.23 प्रतिशत अधिक बताई गई है। एजेंसी ने पहले करीब 1.66 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ कथित अतिरिक्त संपत्ति का आंकड़ा बढ़ गया।


चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

एसवीयू की टीम ने गोपालगंज समाहरणालय स्थित एडीएम कार्यालय, गोपालगंज में उनके आवास, रोहतास जिले के करगहर थाना क्षेत्र के ठोरसन गांव स्थित पैतृक मकान और पटना के रूपसपुर स्थित फ्लैट पर तलाशी ली। पटना में उनका फ्लैट आरपीएस स्कूल के पास भवानी सिटी अपार्टमेंट के ए ब्लॉक में बताया गया है।


ठोरसन गांव स्थित पैतृक आवास पर टीम ने कई घंटे तक तलाशी ली। इस दौरान नकदी, आभूषण और संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। जांच अधिकारियों ने बरामद कागजात को अपने कब्जे में लेकर संपत्ति और आय के स्रोतों का मिलान शुरू किया है।


12 अचल संपत्तियां, 35 बैंक खाते 

एसवीयू के अनुसार, राजेश्वरी पांडे ने स्वयं, अपनी पत्नी और पुत्र के नाम पर करीब 1.32 करोड़ रुपये की 12 अचल संपत्तियां खरीदी हैं। ये संपत्तियां पटना, रोहतास जिले के पैतृक गांव ठोरसन और उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित बताई गई हैं।


जांच में एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी बैंक और सेंट्रल बैंक सहित विभिन्न बैंकों में कुल 35 खाते होने की जानकारी सामने आई है। इन खातों में करीब 1.49 करोड़ रुपये जमा होने का दावा किया गया है। इसके अलावा लगभग 8.50 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और विभिन्न कंपनियों के शेयरों तथा म्यूचुअल फंड में निवेश से संबंधित जानकारी भी जांच के दायरे में है।


नकदी और लाखों के आभूषण बरामद

एसवीयू की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, तलाशी के दौरान एक आवास से करीब 1.85 लाख रुपये नकद और लगभग 32 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही महंगी वस्तुओं की खरीदारी से जुड़े कई बिल और वाउचर भी मिले हैं। ठोरसन स्थित पैतृक मकान से करीब 80 हजार रुपये नकद मिलने की जानकारी भी सामने आई है।


एसवीयू का आरोप है कि वर्ष 2010 में सरकारी सेवा में आने के बाद कथित रूप से अवैध तरीके से अर्जित धन को पत्नी और बच्चों के बैंक खातों के माध्यम से विभिन्न वित्तीय संस्थानों में निवेश किया गया। एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि संपत्तियां खरीदने और निवेश करने के लिए इस्तेमाल की गई रकम के वास्तविक स्रोत क्या थे।


फिलहाल एसवीयू बरामद दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश और अचल संपत्तियों का सत्यापन कर रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आय से अधिक संपत्ति के आरोपों पर संबंधित अधिकारी का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।