बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा में सेटिंग का खुलासा, 9 लाख में पास कराने का हुआ खेला, दो आरोपी गिरफ्तार

जांच में सामने आया कि श्रवण कुमार ने धनंजय कुमार की परीक्षा पास कराने के लिए कथित तौर पर 9 लाख रुपये में सेटिंग कराई थी। एडमिट कार्ड में दूसरे स्कॉलर की तस्वीर लगाकर परीक्षा दिलाने की तैयारी थी।

Bihar Constable Recruitment Exam Scam Exposed
Bihar Constable Recruitment Exam Scam Exposed - फोटो : news4nation

Bihar News : बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर आर्थिक अपराध इकाई ने बड़ी कार्रवाई की है। नालंदा में आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल करने के मामले की जांच में परीक्षा पास कराने के नाम पर सेटिंग का खुलासा हुआ है। मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।


मामला 1 अक्टूबर 2023 को नालंदा के बिहारशरीफ स्थित परीक्षा केंद्र का है। सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा के दौरान परीक्षार्थी धनंजय कुमार को संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पकड़ा गया था। जांच में सामने आया कि धनंजय कुमार ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए परीक्षा में नकल करने की कोशिश कर रहा था।


पूछताछ में धनंजय ने बताया कि परीक्षा पास कराने के लिए सेंटर के माध्यम से दूसरे स्कॉलर की तस्वीर से मिलान कर एडमिट कार्ड में फोटो सेट कराया गया था। हालांकि, स्कॉलर के परीक्षा देने नहीं आने पर धनंजय खुद परीक्षा केंद्र पर पहुंचा और ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल करने की कोशिश की। आर्थिक अपराध इकाई की जांच आगे बढ़ी तो मामले में श्रवण कुमार नाम के आरोपी की भूमिका सामने आई। पुलिस के मुताबिक, करीब 25 वर्षीय श्रवण कुमार ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।


जांच में सामने आया कि श्रवण कुमार ने धनंजय कुमार की परीक्षा पास कराने के लिए कथित तौर पर 9 लाख रुपये में सेटिंग कराई थी। एडमिट कार्ड में दूसरे स्कॉलर की तस्वीर लगाकर परीक्षा दिलाने की तैयारी थी। स्कॉलर के नहीं आने पर धनंजय से उसके मोबाइल के फोन-पे के जरिए 20 हजार रुपये लिए गए और कुछ रकम अपने पास रखी गई। इसके बाद धनंजय को परीक्षा में नकल कराने के लिए ब्लूटूथ डिवाइस उपलब्ध कराया गया था।


आर्थिक अपराध इकाई ने मामले में कार्रवाई करते हुए 7 अक्टूबर 2026 को श्रवण कुमार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, प्रतियोगिता परीक्षाओं में गलत तरीके से प्रश्नपत्र लीक कराने और आर्थिक लाभ लेने वाले गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।

अनिल की रिपोर्ट