Bihar Crime News: बिहार में अपराधियों की उलटी गिनती शुरू, मगध- शाहाबाद से पटना तक के टॉप बदमाशों की कुंडली तैयार, STF के निशाने पर ये माफिया

Bihar Crime News: बिहार पुलिस मुख्यालय और बिहार स्पेशल टॉस्क फोर्स ने मिलकर राज्य के टॉप 10 और हर जिले के टॉप 10 कुख्यात अपराधियों की पुख्ता लिस्ट तैयार कर ली है।

Bihar Crime Countdown Begins
मगध- शाहाबाद से पटना तक तक टॉप बदमाशों की कुंडली तैयार- फोटो : social Media

Bihar Crime News: नए साल की दस्तक के साथ ही बिहार में अपराध की दुनिया में खलबली मच गई है। मगध से लेकर कोसी तक, शाहाबाद से पटना तक, जिन नामों से इलाके कांपते थे, अब वही नाम पुलिस की हिट लिस्ट में सबसे ऊपर दर्ज हो चुके हैं। बिहार पुलिस मुख्यालय और बिहार स्पेशल टॉस्क फोर्स  ने मिलकर राज्य के टॉप 10 और हर जिले के टॉप 10 कुख्यात अपराधियों की पुख्ता लिस्ट तैयार कर ली है। साफ संदेश है इस बार न कोई रियायत, न कोई ढील।

पटना जिले में भोला सिंह, मनोज सिंह, सुजीत मंडल, राजीव महतो और एमपी यादव जैसे नाम पुलिस की रडार पर हैं। कोसी क्षेत्र में जानेश्वर यादव, गणेश ऋषि, देवललित कुमार मेहता और वीरेंद्र राय पर शिकंजा कस रहा है। मगध में धर्मवीर महतो, आलोक सिंह, पल्टन सिंह, दीपक रवानी, संतोष गोस्वामी और अमित तिवारी, जबकि शाहाबाद में दिलीप कुमार, रिंकू यादव, विजय पांडेय, शहनाज अंसारी, पप्पू कुमार, संजय तिवारी और डिंपल सिंह जैसे कुख्यातों की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है।

पुलिस के इरादे फौलादी हैं। मकसद एक ही है हर हाल में बदमाशों को कानून के हवाले करना। साल के पहले ही दिन दानापुर में इसी इरादे की झलक दिखी, जब भाग रहे एक कुख्यात को पुलिस मुठभेड़ में गोली लगी और हथकड़ी पहनाकर सलाखों के पीछे भेज दिया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अब हर इलाके में स्पेशल टीमें एक्टिव मोड में हैं और इन बदमाशों की हर हरकत पर पैनी नजर रखी जा रही है।

इस लिस्ट में शामिल ज्यादातर नाम हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी, जमीन कब्जा और गैंगवार जैसे संगीन मामलों में वांछित हैं। कई बदमाशों पर इनाम घोषित है और उन्हें पकड़ने के लिए खुफिया तंत्र के साथ-साथ तकनीकी निगरानी भी तेज कर दी गई है। कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रैकिंग और मुखबिरों का नेटवर्क पूरी तरह से अलर्ट पर है।

गृह विभाग की कमान संभालने के बाद उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया है कि अपराधमुक्त बिहार महज जुमला नहीं, बल्कि एक्शन प्लान है। पिछले महीनों में बढ़ती वारदातों ने सरकार पर दबाव बढ़ाया था, और अब उसी दबाव का जवाब सख्त कार्रवाई के रूप में दिया जा रहा है।

पिछले सात महीनों में STF और जिला पुलिस ने मिलकर 15 एनकाउंटर किए हैं। एक माओवादी और एक बदमाश ढेर किए गए, जबकि 14 अपराधियों को पैर में गोली मारकर दबोचा गया। छपरा, गोपालगंज, बेगूसराय और पटना में हुए ताबड़तोड़ ऑपरेशन इस बात का सबूत हैं कि अब बिहार में अपराध की दुनिया के लिए जमीन सिकुड़ती जा रही है।

रिपोर्ट- कुलदीप भारद्वाज